रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला,30 मई : समस्त अतिथि अध्यापक (कोर्ट कमेटी), हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने आज हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान चंद गुप्ता से भेंट की तथा उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि वे उनके पक्ष को हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सैनी तक पहुंचाएं तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय को शीघ्र लागू करवाने हेतु सकारात्मक पहल करें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में वर्ष 2005-06 में नियुक्त अतिथि अध्यापकों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए हरियाणा सरकार को वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति के तहत उनकी सेवाएं नियमित (स्थायी) करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना है कि इन अध्यापकों की नियुक्ति विज्ञापन, मेरिट तथा चयन प्रक्रिया के माध्यम से हुई थी और यह किसी प्रकार की बैकडोर एंट्री नहीं थी।
अतिथि अध्यापकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। न्यायालय ने भी अपने निर्णय में कहा है कि इतने लंबे समय तक सेवाएं लेने के बाद उन्हें केवल अस्थायी कर्मचारी मानना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार को दो माह के भीतर उनकी सेवाएं नियमित करने तथा नौकरी एवं सेवानिवृत्ति से जुड़े सभी लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हरियाणा सरकार बिना किसी विलंब के माननीय हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करे, ताकि प्रदेश के हजारों अतिथि अध्यापकों को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे उनकी भावनाओं एवं मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे तथा इस विषय पर सकारात्मक समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर समस्त अतिथि अध्यापक (कोर्ट कमेटी), हरियाणा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
