सुरेंद्र सिंह/ रमोला न्यूज़
पिंजौर 30 मई । वर्ष 2019 में पिंजौर गार्डन के सामने बने हुए कृषि उपमंडल कार्यालय भवन को तोड़कर कार्यालय अस्थाई तौर पर कालका के टीपरा के एक किराए के मकान में शिफ्ट कर दिया गया था। पिछले लगभग 7 वर्षों से भवन निर्माण को लेकर कई अड़चनें पेश आ रही थी। इसी के मध्य नजर हरियाणा प्रदेश किसान कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने विगत 23 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन भेज कर कृषि उपमंडल कार्यालय शीघ्र बनाने और भवन निर्माण पूरा होने तक एचएमटी पिंजौर की एप्पल मंडी के भवन में कृषि उपमंडल कार्यालय खोलने की मांग भी की थी।
अब विजय बंसल एडवोकेट की मेहनत रंग लाई है उनकी मांग पर हरियाणा सरकार ने भवन निर्माण के लिए पहले से मंजूर 398.36 लाख रुपए के अलावा 144.99 लाख रुपए की और राशि बढ़ाकर कुल 543.35 लाख रुपए की राशि मंजूर की है। कृषि उपमंडल कार्यालय भवन का निर्माण मार्केटिंग बोर्ड द्वारा किया जाना है। बता दें कि इससे पूर्व भी सरकार ने वर्ष 2019 में ही 3 करोड़ 98 लाख 36 हजार रुपए की राशि मार्केटिंग बोर्ड के निर्माण विभाग के पास जमा करवा दी थी। लेकिन मार्केटिंग बोर्ड पिछले लगभग 7 वर्षों के दौरान भवन का निर्माण नहीं कर पाया। विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि वर्ष 2021 में मंगल कार्यालय भवन निर्माण की लागत बढ़कर 5 करोड़ 98 लाख 36 हजार रुपए कर दी गई थी बावजूद इसके मार्केटिंग बोर्ड ने गत 3 दिसंबर 2025 को एक बार फिर से बढ़ाई गई राशि की मंजूरी के लिए सरकार को एजेंडा भेजा था। धन की कमी के कारण कृषि उपमंडल कार्यालय भवन का निर्माण ना लटके इसी विषय में विजय बंसल एडवोकेट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को ज्ञापन भेजे थे। जिसके बाद अब मंजूर की गई राशि में अतिरिक्त 144.99 लाख रुपए की राशि जोड़ी गई है।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि हैरानी की बात है कि किसान हितों की झूठी बात करने वाली भाजपा सरकार पिछले 7 वर्षों में जिला पंचकूला के एकमात्र कृषि उपमंडल कार्यालय भवन का भी निर्माण नहीं कर पाई है। इस कृषि उपमंडल कार्यालय में फसल संबंधी जानकारी बीज, खाद एवं कीटनाशक दवा खरीदने के लिए किसानों की सीधी पहुंच थी। लेकिन अब पिंजौर के दून, रायतन क्षेत्र सहित मोरनी, रायपुर रानी ब्लॉक एवं पंचकूला उपमंडल के बरवाला के कई गांवो के किसानों को पहले पिंजौर फिर कालका वहां से टीपरा कृषि उपमंडल कार्यालय जाना पड़ रहा है जो एक छोटे से एक किराए के मकान में चल रहा है जहां पर किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि फिलहाल नए भवन का निर्माण होने तक उपमंडल कार्यालय को एचएमटी पिंजौर की एप्पल मंडी में शिफ्ट करने की मांग को कृषि विभाग ने भी स्वीकृति दे दी थी। इसी विषय में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गत 6 जनवरी 2025 को किसानो की सुविधा के लिए उपमंडल कार्यालय एप्पल मंडी में अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए थे लेकिन आज तक उस पर भी अमल नहीं हुआ है। परिणाम स्वरूप पिछले 7 वर्षों के दौरान पिंजौर उपमंडल कार्यालय की जमीन पर झाड़ियां उग चुकी है जिसने अब बड़े जंगल का रूप ले लिया है। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि यदि अब भी भवन निर्माण कार्य में देरी होने से न केवल पूरे जिले के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि भवन निर्माण लागत भी बढ़ चुकी है। क्योंकि टीपरा स्थित अस्थाई कार्यालय में आने जाने में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विजय बंसल ने कहा कि इतना ही नहीं विशेष कर पिंजौर एवं कालका क्षेत्र के छोटे किसानों और विशेष कर दलित किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्योंकि कृषि उपमंडल कार्यालय में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों के लिए उन्नत कृषि संबंधी ट्रेनिंग सेंटर का भी निर्माण किया जाना है।
गौरतलब है कि जिले के किसानों की सुविधा के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सन 1985 में पिंजौर गार्डन के सामने लगभग एक एकड़ भूमि पर कृषि उपमंडल कार्यालय का निर्माण कराया था जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं को लागू कर उन्हें किसानों तक पहुंचाना था। लेकिन जर्जर हालत में पहुंच चुके उपमंडल कार्य कार्यालय भवन को वर्ष 2019 में तोड़कर नए भवन निर्माण को मंजूरी दे दी गई थी।
