छात्रों के संघर्ष ने झुकाई सरकार, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तक कांग्रेस की लड़ाई रहेगी जारी : सुधा भारद्वाज

 

विक्रांत शर्मा/ रमोला न्यूज़ ब्यूरो

पंचकूला:

हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सुधा भारद्वाज ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देशभर के छात्रों के शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और निरंतर संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की आवाज़ को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। जब संघर्ष सत्य और जनहित के लिए होता है, तो अंततः सत्ता को जनता के प्रति जवाबदेह होना ही पड़ता है।

सुधा भारद्वाज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक शुरुआत है। देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गंभीर खामियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार को अब ठोस और व्यापक कदम उठाने होंगे। उन्होंने मांग की कि NEET, CBSE तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और प्रभावित छात्रों को न्याय सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही छात्रों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ लड़ती रही है। लाखों छात्रों ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद की, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को आखिरकार जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी।

सुधा भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल किसी एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाना है। इसके लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश, संस्थागत जवाबदेही और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु मजबूत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। कांग्रेस तब तक अपना संघर्ष जारी रखेगी, जब तक प्रत्येक छात्र को न्याय और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की गारंटी नहीं मिल जाती।

उन्होंने कहा, “हार तभी होती है जब संघर्ष छोड़ दिया जाए, लेकिन जीत उसी की होती है जो अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ा रहता है।” यह जीत उन सभी छात्रों, युवाओं और परिवारों को समर्पित है जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और न्याय के लिए निरंतर संघर्ष किया। साथ ही यह उन 21 बेटों-बेटियों की स्मृति को भी समर्पित है, जिन्होंने इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई।

सुधा भारद्वाज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उनके नेतृत्व में चलाए गए “छात्रों की गूंज” अभियान ने देशभर के युवाओं की आवाज़ को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से पहुंचाया और सरकार पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बनाया।

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