सोनिका भाटिया/ रमोला न्यूज
चंडीगढ़
कलाग्राम में चल रहे कॉमेडी फेस्टिवल का रविवार को प्रयागराज की रंगमंच टीम के हास्य नाटक ‘अरे शरीफ लोग’ के मंचन के साथ जोरदार समापन हुआ। जैसे ही कलाकारों ने मंच संभाला, दर्शकों के बीच हंसी का सिलसिला शुरू हो गया। मजेदार संवाद, सधे हुए हाव-भाव और हास्य से भरपूर दृश्यों पर कभी ठहाके गूंजे तो कभी तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ा।
प्रसिद्ध लेखक जयवंत दलवी द्वारा लिखे इस नाटक का निर्देशन डॉ. मुकेश उपाध्याय एवं सुनील चौहान ने किया। नाटक में समाज में खुद को शरीफ और संस्कारी दिखाने वाले लोगों के व्यवहार और उनकी छिपी कमजोरियों को हास्यपूर्ण परिस्थितियों के जरिए सामने रखा गया। हंसी-ठिठोली के बीच मानवीय स्वभाव, सामाजिक दिखावे और दोहरेपन पर भी तीखा व्यंग्य किया गया।
कलाकारों की शानदार टाइमिंग और संवाद अदायगी ने मंच पर माहौल को लगातार जीवंत बनाए रखा।
नाटक में लाउडस्पीकर की भूमिका सागर साहू, छेदीलाल की सक्षम मिश्रा, कलावती की प्राची सहगल, अनोखेलाल की देवांश सिंह और लक्ष्मी की भूमिका काजल ने निभाई। इनके साथ दिवाकर दुबे, मंटू, अंश, गोविंद, निकाशा और दीपक ने भी अभिनय किया।
मंच के पीछे की जिम्मेदारी दुर्गेश शुक्ला और प्रदीप कुमार ने संभाली। साक्षी ने संगीत दिया, जबकि प्रकाश व्यवस्था सुनील चौहान ने संभाली।
कलाकारों के सधे अभिनय, हास्यपूर्ण दृश्यों और प्रभावी मंच संयोजन ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया। समापन पर कलाग्राम का माहौल उत्सव जैसा नजर आया। दर्शकों ने कहा कि ऐसे हास्य नाटक तनाव भरी दिनचर्या में खुलकर हंसने का मौका देने के साथ समाज को आईना दिखाने का काम भी करते हैं। ‘अरे शरीफ लोग’ ने मनोरंजन के साथ दर्शकों को दिखावे और वास्तविक चरित्र के बीच के फर्क पर सोचने का मौका दिया।

