रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़,17सितंबर। ऑल प्लेटफॉर्म्स जर्नलिस्ट्स फोरम ने देश में प्रेस की संपूर्ण स्वतंत्रता के प्रावधान संविधान में लाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजा है।
फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जादौन ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने के साथ ही फोरम ने प्रेस की संपूर्ण स्वतंत्रता हासिल करने के लिए आंदोलन का आगाज कर दिया है।इस आंदोलन का बड़ा हिस्सा हस्ताक्षर अभियान का होगा।इस हस्ताक्षर अभियान के जरिए प्रेस की संपूर्ण स्वतंत्रता के पक्ष में आम जन का समर्थन हासिल किया जाएगा।आम जन को प्रेस की संवैधानिक स्वतंत्रता के महत्व और देश की तेज प्रगति के हित में उसके लाभ से अवगत कराया जाएगी।
जादौन ने बताया कि अमेरिका के संविधान में प्रेस की स्वतंत्रता को प्रथम संशोधन के माध्यम से कानूनी रूप से संरक्षित और सुनिश्चित किया गया है।: अमेरिकी संविधान का पहला संशोधन स्पष्ट रूप से कहता है कि “कांग्रेस ऐसा कोई कानून नहीं बनाएगी जो भाषण या प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करे।: इसका मुख्य अर्थ यह है कि सरकार मीडिया द्वारा छापी या प्रसारित की जाने वाली सामग्री पर नियंत्रण नहीं रख सकती। पत्रकार सरकार की नीतियों, विषयों या अधिकारियों की आलोचना बिना किसी डर के कर सकते हैं। यह अधिकार केवल खबरें छापने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाचार या जानकारी एकत्र करने की स्वतंत्रता भी शामिल है।lसुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, सरकार प्रकाशन से पहले किसी भी सामग्री को रोकने का सामान्यतः उपयोग नहीं कर सकती। आज के समय में इसमें पारंपरिक अखबारों के साथ-साथ टीवी, रेडियो, डिजिटल मीडिया, ब्लॉग और स्वतंत्र रचनाकार भी शामिल हैं।
जादौन ने कहा कि अमेरिका में प्रेस को संपूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त होने का ही परिणाम है कि आज भी अमेरिका महाशक्ति है और भारत सदियों महान बने रहने के बाद भी ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशो की श्रेणी में है।अमेरिका और चीन जैसे देश आंखे दिखाते रहते हैं।। देश आज भी बदहाल और विकलांग है। जादौन ने नारा दिया कि हमें किसी से वैर नहीं बदहाली की खैर नहीं।उन्होंने कहा कि प्रेस भ्रष्टाचार, अनीति और अन्याय के विरुद्ध एक शांतिपूर्ण परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है।इसलिए प्रेस की संपूर्ण आजादी का समर्थन किया जाए।

