पार्वती रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़ , 17 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने की दिशा में घोषणा करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के दक्षिण भाग में 120 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सर्किट हाउस बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री गुरुवार को कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ एवं रक्तदान कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रक्तदान शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें सम्मानित भी किया। उन्होंने दो मेडिकल मोबाइल यूनिट को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई रंगोली का अवलोकन किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर पर आशीर्वाद का दीया जलाया। मुख्यमंत्री ने महाआरती में भी भाग लिया। ब्रह्मसरोवर पर लगभग 1 लाख 25 हजार दीयों को प्रज्वलित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा कार्यों और मोदी सरकार द्वारा चलाई गई प्रमुख योजनाओं पर आधारित भव्य ड्रोन शो का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने, सुरक्षित रक्तदान को बढ़ावा देने और ब्लड बैंक सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेट की शुरुआत करने वाला हरियाणा उत्तर भारत का पहला राज्य है। प्रदेश में प्लेटलेट केंद्रों और रक्त संग्रह की व्यवस्था को मजबूत किया गया है तथा रक्तदान के निर्धारित लक्ष्यों से भी अधिक यूनिट एकत्रित करने में सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का आधार है। रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने के उद्देश्य से मेडिकल मोबाइल यूनिट शुरू की गई है। इस यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की टीम उपलब्ध रहेगी तथा लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक टेस्ट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मोबाइल यूनिट के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पद को अधिकार का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाकर पिछले 25 वर्षों में देश को सेवा, सुशासन और विकास की नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र की उन्नति, गरीब कल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित किया है। उनकी इसी सेवा भावना से प्रेरणा लेते हुए प्रदेश में शुरू किया गया ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जनभागीदारी और विकास का जन आंदोलन बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होना अपने आप में विशेष है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है और विकसित भारत-2047 के संकल्प की दिशा में बिना रुके और बिना थके आगे बढ़ रहा है। जब मानवता की सेवा के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश होता है तो विकास को नई गति मिलती है। संवेदना और सामर्थ्य का यही संगम आज के इस आयोजन में भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृजन, शिल्प, ज्ञान और विज्ञान का प्रतीक माना जाता है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी बीते 12 वर्षों में आधुनिक और मजबूत भारत के निर्माण को गति देते हुए विश्व पटल पर देश का गौरव बढ़ाया है।
*रक्तदान गीता के कर्मयोग का जीवंत उदाहरण*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र कर्मभूमि कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर उपस्थित हैं। इसी पवित्र धरा से भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जाति को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग का दिव्य संदेश दिया था। गीता का संदेश हमें बिना फल की चिंता किए अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि उसका दिया हुआ रक्त किस व्यक्ति के काम आएगा, लेकिन उसके इस प्रयास से किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बच सकता है। यही निस्वार्थ कर्म है, यही सच्ची सेवा है और यही गीता के संदेश को अपने जीवन में उतारना है। किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अपनी रगों का रक्त देने से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता। रक्त की न कोई जाति होती है और न कोई धर्म, वह केवल जीवन का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र की उन्नति, गरीबों के कल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि ‘सेवा ही संगठन’ और ‘जनसेवा ही ईश्वर सेवा’ की भावना से प्रेरणा लेते हुए शुरू किया गया सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर हरियाणा के कोने-कोने तक सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और विकास का संदेश पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस महापुरुष ने जनसेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाया हो, उसके जन्मदिन पर किसी जरूरतमंद के काम आने से अधिक सार्थक उपहार और क्या हो सकता है। रक्तदान शिविर प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और सेवा भावना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर को श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में शासन के माध्यम से जनसेवा की यात्रा के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे होंगे। वर्ष 2001 से 2026 तक उन्होंने निरंतर शासन के माध्यम से जनसेवा की है।

