दुनिया कितनी बेढंगी, मगरूर और स्वार्थी है कितनी जल्दी सब कुछ भूल जाती है।
रमोला न्यूज/ अनिल चन्द रमोला टिहरी गढ़वाल दुनिया कितनी बेढंगी, मगरूर और स्वार्थी है कितनी जल्दी सब कुछ भूल जाती है। पहाड़ की महान शख्सियत और दानवीर जो आज से 40 साल पहले जंगल जंगल चाल खाल बनवाते थे, जंगली जानवरों के लिए जंगलों में हजारों किलो सेंदा नामक के बड़े बड़े टुकड़े रखवाते थे…

