पलेठा में पारंपरिक रूप से मनाई गई मां भद्रकाली की भादों जातर

 

तिलक चंद रमोला नौगांव : नौगांव विकासखंड के पलेठा गांव में मां भद्रकाली की भादों जातर पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक आस्था के साथ मनाई गई। रविवार शाम खांशी गांव से मां भद्रकाली की डोली पलेठा पहुंची, जहां ग्रामीणों और मायके आईं रूईणी-ध्याणियों ने ढोल-दमाऊं और पारंपरिक गीतों के बीच डोली का भव्य स्वागत किया।

सोमवार दोपहर मां भद्रकाली मंदिर में देवता के पुजारी बुद्धिराम बहुगुणा ने विधिविधान से मां भगवती की पूजा-अर्चना की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भद्रकाली की डोली के दर्शन कर सुख-समृद्धि की मनोकामना मांगी। ग्रामीणों ने मां को हरियाली, चुनरी, सिल्फर, धूप-दीप तथा पारंपरिक व्यंजन पूरी, बुकण, धाणा, अखरोट और फल आदि श्रद्धापूर्वक अर्पित किए।

देर शाम मेला परिसर में गांव की महिलाओं ने रवांई की पारंपरिक लोक संस्कृति को जीवंत करते हुए मां भद्रकाली की स्तुति में हारोल गीत प्रस्तुत किए। ‘तेरी देणी देवी मांये हारोल’, ‘ऊंच भादरांई डांडा मां तेरी जन्मभूमि’ और ‘माता मेरी भद्रकाली’ जैसे पारंपरिक रवांई गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं युवाओं ने मां की डोली के साथ जमकर नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने डोली को कंधों पर उठाकर पारंपरिक गीतों और नृत्य के साथ मां को विदाई दी।

बताया गया कि मां भद्रकाली की भादों जातर के अंतर्गत डंडालगांव, पौंटी, मोल्डा, हुडोली, पाणीगांव, नेलाड़ी, बिणाई, कंताणी और खांशी गांव में मेले संपन्न हो चुके हैं। पलेठा के बाद मंगलवार को अंतिम मेला पुरोला के हुडोली बाजार में आयोजित होगा। इसके लिए देर शाम मां भद्रकाली की डोली को पलेठा से पारंपरिक गीतों और जयकारों के साथ हुडोली बाजार के लिए विदा किया गया।

अटूट आस्था का केंद्र है मां भद्रकाली

मां भद्रकाली के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है। हर वर्ष भादों मास में मां की डोली विभिन्न गांवों में पहुंचती है और श्रद्धालु दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि मां भद्रकाली अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। भादों जातर न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि रवांई की पारंपरिक लोक संस्कृति, गीत-संगीत और सामाजिक भाईचारे को भी मजबूत करने वाला आयोजन है।

इस अवसर पर देवता के पुजारी बुद्धिराम बहुगुणा,

ग्राम प्रधान रोहित रावत, ,देव प्रसाद, सुनील सिलवाल,

  1. जय प्रकाश उनियाल, गब्बर सिंह, रणवीर सिंह, सुनील सिलवाल, मोहन, अतर सिंह, सूरत सिंह, सुंदर सिलवाल, रणवीर रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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