सांबा, 20 सितम्बर :- (सुरेश शर्मा/ रमोला न्यूज़)
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जिला सांबा के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले पुरमंडल और उत्तरबेहनी स्थलों के जीर्णोद्धार, पुनरुद्धार एवं संरक्षण कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उत्तरबेहनी में आयोजित समारोह के दौरान उपराज्यपाल ने विधिवत भूमि पूजन कर विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन दोनों महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए करीब 14 करोड़ रुपये की लागत वाले कार्यों का शुभारंभ किया गया। समारोह के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि पुरमंडल और उत्तरबेहनी जम्मू-कश्मीर की समृद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन स्थलों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 14 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 14 करोड़ रुपये के कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। इसके अलावा करीब 14 करोड़ रुपये की लागत वाली नई परियोजनाओं को आज शुरू किया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राजाओं और शासकों द्वारा निर्मित ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित करना और उनका संरक्षण करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक जड़ों, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए इन धरोहर स्थलों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप जम्मू-कश्मीर में भी प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने तथा वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पुरमंडल और उत्तरबेहनी क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए भी प्रसिद्ध हैं। विकास एवं पुनरुद्धार कार्य पूरे होने के बाद इन स्थलों की भव्यता में वृद्धि होने के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

