प्रायोगिक प्रशिक्षण के जरिए नागरिकों को बनाया जा रहा जीवनरक्षक, पीजीआईएमईआर ने दिया बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण

 

पवन चोपडा

 रमोला न्यूज़ ब्यूरो

चंडीगढ़ 

चंडीगढ़ सिटीजन फाउंडेशन (सीसीएफ) ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के एनेस्थीसिया एवं इंटेंसिव केयर विभाग के सहयोग से शनिवार को सेक्टर-6 स्थित जिमखाना क्लब, पंचकूला में ‘प्रोजेक्ट बीएलएस’ के तहत बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को किसी व्यक्ति के अचानक गिरने या हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में तत्काल और सुरक्षित तरीके से सहायता करने के लिए प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विवेक सूद के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने उद्घाटन संबोधन दिया। डॉ. के.के. तलवार ने ‘प्रोजेक्ट बीएलएस’ की जानकारी दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएफ अध्यक्ष जनरल वी.पी. मलिक (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सीसीएफ ने चंडीगढ़ और ट्राइसिटी के नागरिकों के कल्याण के लिए 11 विषय आधारित फोकस ग्रुप शुरू किए हैं। औपचारिक सत्र का समापन हेल्थ एंड वेलबीइंग फोकस ग्रुप के संयोजक डॉ. राकेश कोचर के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

पीजीआईएमईआर विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण

प्रो. काजल जैन ने बेसिक लाइफ सपोर्ट पाठ्यक्रम की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम पीजीआईएमईआर की टीम ने प्रो. काजल जैन, प्रो. प्रीति मैथ्यू और प्रो. जीतिंदर के. मक्कर के पाठ्यक्रम निर्देशन में संचालित किया।

वैज्ञानिक सत्रों में आपात स्थिति में प्रारंभिक प्रतिक्रिया, छाती पर दबाव देने की तकनीक और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) के इस्तेमाल के साथ-साथ गंभीर चोट लगने की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया गया।

डॉ. श्याम चरण मीणा ने अचानक गिरे व्यक्ति के प्रति प्रारंभिक प्रतिक्रिया, डॉ. वैशाली गुप्ता ने चेस्ट कंप्रेशन तकनीक एवं एईडी के उपयोग तथा डॉ. करण सिंगला ने गंभीर चोट की स्थिति में मदद पहुंचने तक प्राथमिक उपचार विषय पर प्रशिक्षण दिया।

हाथों से कराया गया व्यावहारिक अभ्यास

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र रहा। पीजीआईएमईआर की टीम ने रेड क्रॉस हरियाणा के सहयोग से अलग-अलग कौशल केंद्रों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने मैनिकिन पर उच्च गुणवत्ता वाली चेस्ट कंप्रेशन तकनीक का स्वयं अभ्यास किया।

प्रशिक्षण के दौरान कार्डियक अरेस्ट की पहचान, एक और दो बचावकर्ताओं द्वारा चेस्ट कंप्रेशन तथा एईडी के उचित इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि किसी व्यक्ति के अचानक गिरने की स्थिति में शुरुआती दस मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों की त्वरित और सही कार्रवाई किसी व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम ने यह संदेश भी मजबूत किया कि आपात स्थिति में सही प्रशिक्षण प्राप्त प्रत्येक नागरिक जीवनरक्षक की भूमिका निभा सकता है।

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