चंडीगढ़ में वॉकाथॉन के साथ वन्यजीव सप्ताह 2026 का शुभारंभ; प्राकृतिक आवासों की कनेक्टिविटी और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर

 

चंडीगढ़, 2 अक्टूबर, : (हरमिंदर नागपाल‌ /रमोला न्यूज़)वन एवं वन्यजीव विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा सप्ताहभर चलने वाले वन्यजीव सप्ताह 2026 समारोह का शुभारंभ “कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ” विषय पर आयोजित वॉकाथॉन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, पारिस्थितिक कनेक्टिविटी बनाए रखने तथा वन्यजीव संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

वॉकाथॉन की शुरुआत सुखना झील के रेगुलेटरी एंड से हुई और यह मनोरम लेक रिजर्व फॉरेस्ट से होते हुए चंडीगढ़ बर्ड पार्क के निकट संपन्न हुई। कार्यक्रम में सैकड़ों एनएसएस स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, नागरिक समाज के सदस्यों तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में हुई भागीदारी ने चंडीगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समुदाय की बढ़ती रुचि और सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़, श्री हिरियाडका राजेश प्रसाद ने कहा, “चंडीगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक विरासत हमारे द्वारा प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के निरंतर प्रयासों के कारण फल-फूल रही है। हमारे प्राकृतिक गलियारों को आपस में जोड़ना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं कि हमारा शहरी वातावरण आने वाली पीढ़ियों तक वन्यजीवों के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से सह-अस्तित्व बनाए रखे।”

उद्घाटन कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “सर्वे रिपोर्ट ऑफ वाइल्डलाइफ ऑफ यू.टी. चंडीगढ़” का विमोचन रहा, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में की गई वन्यजीव गणना के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए हैं। रिपोर्ट में चंडीगढ़ में वन्यजीवों की विविधता और उनके वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। यह रिपोर्ट वैज्ञानिक संरक्षण योजना, प्राकृतिक आवास प्रबंधन तथा भविष्य में वन्यजीवों की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में उपयोगी सिद्ध होगी।

विभाग द्वारा “PAHAL” पत्रिका का भी विमोचन किया गया, जो सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली पर केंद्रित है तथा स्वस्थ जीवन, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सतत जीवन पद्धतियों को बढ़ावा देती है। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति का बुलेटिन भी जारी किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में समिति द्वारा की गई विभिन्न पहलों और गतिविधियों का विवरण दिया गया है।

विभाग ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सुश्री गीतांजलि कंवर, सीनियर कोऑर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ; श्री कुलभूषण कंवर; तथा श्री विक्रमजीत सिंह को सम्मानित किया।

वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा सप्ताहभर विद्यार्थियों, नागरिकों, प्रकृति प्रेमियों तथा अन्य हितधारकों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई गई है। इनमें बटरफ्लाई पार्क में बटरफ्लाई वॉक, सिटी फॉरेस्ट और सुखना चो फॉरेस्ट में बर्ड वॉचिंग, बॉटनिकल गार्डन में पेंटिंग, ड्राइंग एवं क्विज प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर, सहित अन्य शैक्षणिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।

वन्यजीव सप्ताह समारोह का उद्देश्य चंडीगढ़ के विविध वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना तथा नागरिकों को इनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि वन्यजीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से निकटता से जुड़ा हुआ है और स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र तथा सतत भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

समारोह पूरे सप्ताह जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रकृति-आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों और प्रकृति के बीच संबंध को और मजबूत करना तथा चंडीगढ़ में जिम्मेदार पर्यावरणीय संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में श्री हिरियाडका राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्री के.ए.पी. सिन्हा, मुख्य सचिव, पंजाब ने विशेष अतिथि तथा श्री मंदीप सिंह बराड़, सचिव, वन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर श्री दिप्रवा लाकड़ा, वित्त सचिव; श्री सौरभ कुमार, मुख्य वन संरक्षक, यू.टी. चंडीगढ़; श्री अमित कुमार, आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़; श्री अनुप कुमार सोनी, वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन, यू.टी. चंडीगढ़; श्री स्वप्निल नाइक, सचिव कार्मिक; तथा श्री सत्येंद्र मौर्य, उप वन संरक्षक, सहित चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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