जसपाल सिंह
रमोला न्यूज ब्यूरो
उत्तरकाशी 24 अक्टूबर
डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की ओर से आगामी 25 अक्टूबर को स्व. कमलाराम इंटर कॉलेज, धौंतरी में जन आशीर्वाद संकल्प रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली को लेकर उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, शुभचिंतकों और अपने मार्गदर्शकों से कार्यक्रम में पहुंचकर आशीर्वाद देने की अपील की है। विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस आयोजन को उनकी राजनीतिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा जिला अध्यक्ष नागेंद्र चौहान नें ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की इस जन आशीर्वाद संकल्प रैली को अनुशासनहीनता बताया और पार्टी निर्णय पर विचार करने की बात की उन्होंने कहा कि टिकट के लिए दावेदारी हर व्यक्ति कार्यकर्ता का अधिकार है लेकिन इस तरह का निजी फैसला पार्टी विरुद्ध है।
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी बीजेपी से चल रही है। क्योंकि उन्होंने हाल में ही प्रमुख बनने से पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन की थी। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर परमार कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) व निर्दलीय भी मैदान में उतर सकते हैं। विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में धौंतरी में होने वाली जन आशीर्वाद संकल्प रैली के माध्यम से उनकी भावी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, विधानसभा चुनाव लड़ने और किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के संबंध में उनकी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि होना अभी बाकी है। रैली में उनकी ओर से क्या संदेश दिया जाता है, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों की भागीदारी कैसी रहती है तथा आगामी राजनीति को लेकर उनका क्या रुख सामने आता है, इस पर निगाहें रहेंगी।
बेशक राजनीति में आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा रखना किसी भी जनप्रतिनिधि का व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन वर्तमान पद की जिम्मेदारियों और जनता के प्रति जवाबदेही का सवाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में विधानसभा चुनाव की चर्चाओं के बीच उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और विकासखंड में किए गए कार्यों का आकलन होना स्वाभाविक है।ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों में उनके कार्यकाल की अवधि भी चर्चा का विषय है। यदि उनका कार्यकाल अभी शुरुआती दौर में है, तो क्षेत्रीय जनता की अपेक्षा होगी कि वह विकासखंड की समस्याओं के समाधान और विकास योजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान दें।ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, संपर्क मार्ग, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे लगातार जनप्रतिनिधियों के सामने रहते हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव की संभावित तैयारी के साथ यह जानना भी जरूरी है कि इन मुद्दों पर अब तक क्या प्रगति हुई है। क्या राजदीप परमार अपने मौजूदा पद की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए विधानसभा चुनाव की तैयारी करेंगे।
राजदीप परमार के संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि वह विधानसभा चुनाव में किस राजनीतिक विकल्प को चुनेंगे। किन राजनीतिक दलों के टिकट पर ताल ठोकते नजर आयेंगे। या निर्दलीय चेहरे के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। टिकट को लेकर संभावनाओं की चर्चा तेज हो रही है। हालांकि, किसी दल से उनकी उम्मीदवारी या आधिकारिक बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।राजदीप परमार की विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह उनकी अपनी राजनीतिक योजना है या इसके पीछे किसी राजनीतिक साथी, शुभचिंतक अथवा मार्गदर्शक की सलाह है। क्या किसी राजनीतिक दल के नेताओं के साथ उनकी बातचीत चल रही है, या फिलहाल यह केवल राजनीतिक अटकलों तक सीमित है।
स्व. कमलाराम इंटर कॉलेज धौंतरी में 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाली जन आशीर्वाद संकल्प रैली राजदीप परमार की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण आयोजन है। वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने जनप्रतिनिधियों, शुभचिंतकों और मार्गदर्शकों से रैली में पहुंचकर आशीर्वाद देने की अपील की है। अब देखना होगा कि इस आयोजन में कितनी भागीदारी रहती है और राजदीप परमार अपने संबोधन में किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं। क्या वह विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट करेंगे या फिलहाल ब्लॉक प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका पर ही ध्यान केंद्रित रखेंगे। इन सवालों के जवाब रैली के दौरान अथवा उसके बाद सामने आ सकते हैं। राजदीप परमार की विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं और जन आशीर्वाद संकल्प रैली के बीच एक महत्वपूर्ण प्रश्न उनके वर्तमान दायित्वों का भी है। जनता अपने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों, समस्याओं के समाधान और क्षेत्र के भविष्य को लेकर स्पष्ट योजना की अपेक्षा करती है। फिलहाल, 25 अक्टूबर को धौंतरी में होने वाली जन आशीर्वाद संकल्प रैली और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर क्षेत्रीय लोगों की नजरें रहेंगी।

