मोरनी हिल्स में पाॅक्सो, साईबर क्राइम व पोस एक्ट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन 

 

रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़

पंचकूला, 30 अप्रैल- राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में हरियाणा राज्य महिला आयोग द्वारा मोरनी हिल्स के माउंटेंन क्वैल रिजोर्ट में आयोजित पाॅक्सो, साईबर क्राइम व पोस एक्ट 2013 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आए संबंधित अधिकारियों को पाॅक्सो, साईबर क्राइम व पोस एक्ट के बारे विभिन्न प्रवक्ताओं द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर निदेशक, महिला एवं बाल विकास, हरियाणा तथा विशेष सचिव, हरियाणा सरकार, महिला एवं बाल विकास श्रीमती प्रिंयका सोनी, हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्री रेनू भाटिया व आयोग की सदस्य सचिव मोनिका मलिक विशेष रूप से उपस्थित थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग के कानूनी सलाहकार श्री कमल एडवोकेट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिनियम, 2013 (2013 का अधिनियम संख्यांक 14) महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण और परिवादों के निवारण तथा प्रतितोषण और उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियमों के बारे में विस्तार से प्रदेश के सभी जिलों से आए हुए पीपीओ, बाल संरक्षण अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी व वन स्टाॅप सेंटर के इंचार्ज को विस्तार से जानकारी दी।

एसीपी सुरेंद्र सिंह ने साईबर क्राइम के बारे में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को साईबर क्राइम के बारे में व बचने के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हैकिंग में किसी की भी निजी जानकारी को हैक करना, उपयोगकर्ता के नाम या पासवर्ड और फिर उसमे फेर बदल करना शामिल है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी किसी के पास स्पैम ईमेल भेजते है और उसकी जानकारी हासिल करके उसके बैक खाते से उसका मन से कमाया हुआ पैसा उडा देते है।

 

उन्होंने बताया कि फर्जी बैंक कॉल- आपको जाली ईमेल, मैसेज या फोन कॉल प्राप्‍त हो जो आपकी बैंक जैसा लगे जिसमें आपसे पूछा जाये कि आपके एटीएम नंबर और पासवर्ड की आवश्यकता है और यदि आपके द्वारा यह जानकारी नहीं दी गयी तो आपको खाता बन्‍द कर दिया जायेगा या इस लिंक पर सूचना दें। याद रखें किसी भी बैंक द्वारा ऐसी जानकारी कभी भी इस तरह से नहीं मॉगी जाती है और भूलकर भी अपनी किसी भी इस प्रकार की जानकारी को इन्‍टरनेट या फोनकॉल या मैसेज के माध्‍यम से नहीं बताये।

कार्यशाला में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की अधिवक्ता सुश्री दीपा सिंह ने पाॅक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत यौन अपराध यौन छेड़छाड़ व अश्लील चित्र या वीडियो बनाने के अपराधों के प्रतिषेध कृत कानून है। उन्होंने बताया कि विशेष नये संशोधन के अंतर्गत बालक अपने ऊपर हुए अपराधों की एफआईआर करने के उपरांत आरोपी को अपने को निर्दोष साबित करना होता है। इस कानून के अंतर्गत बालक बालिका दोनों को समान रूप से सुरक्षा प्रदान की गई है। विशेष न्यायलय बालक के प्रति अपराध की गम्भीरता व उसे हुए सामाजिक व मानसिक नुकसान का आकलन करता है। सामाजिक शिक्षा, भावनात्मक व शारीरिक नुकसान के अनुसार दंडात्मक कार्यवाही करता है। उन्होंने बताया कि पाॅक्सो अधिनियम के मामलों में पीड़िता की आयु का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि घटना की तिथि पर पीड़िता 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो पॉक्सो अधिनियम लागू होता है। उन्होंने बताया कि पॉक्सो के लिए विशेष न्यायालय अधिनियम, 2012 के अंतर्गत बाल यौन अपराधों के त्वरित और संवेदनशील निपटारे हेतु विशेष न्यायालय स्थापित किए जाते हैं ताकि बाल यौन अपराधों को रोका जा सके व मामलों का जल्द से जल्द निपटान भी किया जा सके।

निदेशक, महिला एवं बाल विकास, हरियाणा तथा विशेष सचिव, हरियाणा सरकार, महिला एवं बाल विकास श्रीमती प्रिंयका सोनी, हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्री रेनू भाटिया व आयोग की सदस्य सचिव मोनिका मलिक ने कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनकी हौंसला अफजाई की।

इस अवसर पर हरियाणा राज्य महिला आयोग से प्रिति, अंजु, अनु, अंकुर, दीपक ने बढ़चढ़कर कार्यशाला में अपना योगदान दिया।

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