अनुशासन, परिश्रम और समर्पण से सफलता संभव: डॉ. तनेजा

 

राकेश कुमार/ रमोला न्यूज़ 

कालका 3 मई: राजकीय महाविद्यालय कालका में पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर गीता सुखीजा ने मुख्य अतिथि डॉक्टर सुनील तनेजा का स्वागत किया और महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

मुख्य अतिथि डॉ सुनील तनेजा प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय छछरौली ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया और विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमें आज के दिवस को उत्सव की तरह मनाना चाहिए। उन्होंने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी और प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि असफलता ही सफलता की जननी है। यदि हम असफल होते हैं तो उससे सीख लेकर आगे बढ़े और अपने लक्ष्य की और निरंतर प्रयास करते रहे। एक सफल व्यक्ति वही होता है जो हर क्षेत्र में संतुलन बनाए रखता है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझता है। हमेशा बड़े सपने देखिए और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ प्रयास कीजिए, सकारात्मक सोच रखें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे। मुख्य अतिथि डॉक्टर सुनील तनेजा ने विद्यार्थियों को जुगनू का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे जुगनू बहुत छोटा होता है लेकिन अपनी छोटी सी रोशनी से अंधेरे को चुनौती देता है। जुगनू हमें सिखाता है कि चाहे परिस्थितियों कितनी भी कठिन क्यों ना हो अगर हमारे भीतर आत्मविश्वास और हिम्मत की रोशनी है तो हम अपना रास्ता खुद बना सकते हैं। हमें जुगनू की तरह बनकर अपने छोटे-छोटे प्रयासों से अपने जीवन को रोशन करना चाहिए और समाज में भी उजाला फैलाना चाहिए।

 

पुरस्कार वितरण समारोह की संयोजक डॉ मीनू ख्यालिया रही। कुल 332 विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए जिसमें 304 छात्रों को उनकी एकेडमिक उत्कृष्टता के लिए, 23 छात्रों को सांस्कृतिक क्षेत्र में, 02 छात्रों को एनएसएस में, 02 छात्रों को खेलकूद में और 01 छात्र को विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार मिला। कई विद्यार्थी पुरस्कार ग्रहण करते समय अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित थे जिससे यह कार्यक्रम और भी यादगार और भावुक हो गया। अभिभावकों की उपस्थिति ने गर्व और प्रोत्साहन का संचार किया जो संस्थान और परिवारों के बीच मजबूत बंधन को दर्शाता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।

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