तिलक चंद रमोला न्यूज नौगांव : प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की वर्चुअल बैठक में नव मनोनीत मंडल प्रभारियों, जिला प्रभारियों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, लंबित चुनावों को संपन्न कराने तथा जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में प्रदेश के सभी जिलों को सक्रिय करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। विशेष रूप से रानीखेत, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, काशीपुर, ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तरकाशी और चमोली जिलों में संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि रानीखेत नगर व्यापार मंडल के चुनाव पिछले डेढ़ वर्ष से लंबित हैं। प्रदेश कार्यकारिणी ने जिला अध्यक्ष एवं चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया को वहीं से आगे बढ़ाया जाए, जहां से पूर्व में रोकी गई थी, तथा किसी भी पात्र प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से वंचित न किया जाए। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए मंडल प्रभारी मनोज अरोड़ा एवं जिला प्रभारी किशन गुर्रानी रानीखेत में बैठक करेंगे।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो व्यक्ति पूर्व में व्यापार मंडल का पदाधिकारी रह चुका है, उसे अध्यक्ष या महामंत्री पद का चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। पात्रता की शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
उत्तरकाशी, चंपावत, ऋषिकेश और चमोली जिलों में संगठन को पुनः सक्रिय करने के लिए जिला एवं मंडल प्रभारी स्थानीय प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। वहीं ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और काशीपुर में जिला बैठकों के साथ संगठन के चुनाव कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, हल्द्वानी और नैनीताल इकाइयों में लंबे समय से लंबित चुनावों की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। इसके लिए सदस्यता अभियान चलाकर अगस्त माह तक सदस्यता कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
हरिद्वार महानगर में भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने पर सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए सदस्यता अभियान प्रारंभ कर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सभी जिला एवं मंडल प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह संगठन के संविधान के अनुरूप कराई जाए। किसी भी पदाधिकारी को नगर व्यापार मंडल चुनावों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी गई। ऐसा पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही यह निर्णय लिया गया कि बरसात के मौसम में सितंबर माह तक सभी जिलों में जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा संगठन के सभी पदाधिकारी आपसी संवाद बनाए रखेंगे। संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक पदाधिकारी से प्रतिदिन कम से कम दस मिनट का समय संगठनात्मक कार्यों के लिए देने का आह्वान किया गया।
बैठक में संगठन के विस्तार, चुनावी पारदर्शिता और जिला इकाइयों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
