पार्वती रमोला/ रमोला न्यूज़
चंडीगढ़ , 10 जुलाई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 2047 का विकसित भारत खेतों से ही आकार लेगा, इसलिए अब समय आ गया है कि हम केवल उत्पादक नहीं, बल्कि वैल्यू क्रिएटर और निर्यातक बनें। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा के आम लंदन, न्यूयॉर्क, दुबई और टोक्यो के सुपरमार्केट तक पहुंचेंगे, तभी किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि होगी और भारत की पहचान वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छुएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला के ऐतिहासिक यादविन्द्रा गार्डन, पिंजौर में तीन दिवसीय 33वें मैंगो मेले के उदघाटन अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होने अलग अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टालस का अवलोकन किया और आम की विभिन्न किस्मों में गहरी रूची दिखाई। इस अवसर पर विरासत एवं पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा और देश के अलग-अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बागवानों, उद्यमियों और पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि मैंगों मेले में 200 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गई हैं जो हमारे किसानों के अनुभव, नवाचार और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होने हरियाणा पर्यटन निगम और बागवानी विभाग को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह मेला किसान की मेहनत का सम्मान है और हरियाणा की कृषि शक्ति का उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। इस यात्रा की सबसे बड़ी ताकत हमारे गांव, किसान और कृषि हैं। उन्होने कहा कि किसान की मेहनत का पूरा मूल्य तभी मिलेगा जब वह बाजार की ताकत भी बने। इसी सोच से देशभर में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का नेटवर्क बन रहा है। छोटे किसानों के जुडने से लागत घटती है और आय बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत परंपरा पर गर्व करते हुए आधुनिक तकनीक अपना रहा है। 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो खेती को भी भविष्य के अनुरूप ढालना होगा। दुनिया आज एआई की चर्चा कर रही है, इसका सबसे बड़ा लाभ हमारे किसान को मिलेगा। मिट्टी में तत्व की कमी, सिंचाई का समय, लाभकारी फसल, रोग का संकेत, मंडी की मांग, यह पहले से पता चले तो समय बचेगा, लागत घटेगी और आमदनी बढ़ेगी।
उन्होने कहा कि आज ड्रोन खेत सर्वेक्षण कर रहे हैं, एआई मिट्टी की सेहत जांच रहा है, मौसम की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है। एआई आधारित डिजिटल अकाउंटिंग से किसान अपने मोबाइल पर ही खर्च-आमदनी का पूरा हिसाब रख सकता है। यही स्मार्ट खेती का भविष्य है। उन्होने कहा कि तकनीक रास्ता दिखा सकती है, परंतु खेती की आत्मा किसान का अनुभव ही है। इसलिए परंपरा और तकनीक, दोनों साथ चलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिजोत छोटी होती जा रही है, इसलिए सरकार किसानों को बागवानी फसले लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। नया आम बाग लगाने पर 42 हजार रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी दी जाती है। साथ ही आम की फसल को भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है।
उन्होने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुई प्राकृतिक खेती योजना धरती की सेहत बचाने, लागत घटाने और भविष्य सुरक्षित करने का संकल्प है। लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि पंजीकृत करवाई है, 24 हजार किसान 44 हजार एकड़ से अधिक पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होने बताया कि वर्ष 2025-26 में 20 हजार 727 एकड़ में प्राकृतिक खेती हुई और इस वर्ष प्राकृतिक खेती के लिए 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती में देसी गाय का विशेष महत्व है। वर्ष 2025 से देसी गाय आधारित जीवामृत-घनजीवामृत के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये की गई है। इसके साथ साथ प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कच्चे माल के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने हेतु प्रत्येक किसान को 3 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है। उन्होने बताया कि हमने वर्ष 2026-27 के बजट में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपेडा प्रमाणित प्राकृतिक व जैविक किसानों को 5 वर्षों तक प्रति वर्ष प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान तभी मजबूत होगा जब उसे मेहनत का पूरा सम्मान मिले। हरियाणा में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा का किसान आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, बागवानी और मूल्य संवर्धन के बल पर पूरी दुनिया के लिए नया आदर्श बनेगा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि पर्यटन एवं बागवानी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे 33वें मैंगो मेले में आम की 200 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मेले में हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के आम उत्पादकों द्वारा आम की बेहतरीन किस्में प्रदर्शित की गई हैं, जो मेले का विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आम फलों का राजा होने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। आम के पत्तों का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है, ताकि लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध हो सके और वे निरोगी जीवन व्यतीत कर सकें। डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि मैंगो मेले के दौरान किसानों के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है
