तिलक चंद रमोला नौगांव : गढ़वाली भाषा की पहली राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘ढोली’ ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और गढ़वाली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। फिल्म की शूटिंग सितंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की खूबसूरत असीगंगा घाटी के नाल्ड गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में की गई थी। स्थानीय कलाकारों और प्राकृतिक सौंदर्य को पर्दे पर जीवंत रूप से प्रस्तुत करने वाली इस फिल्म को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
फिल्म के निर्माता सुनील नायक (एस.सी. फार्माकैम प्रा. लि., मुंबई) हैं, जबकि पटकथा और निर्देशन दिनेश भोंसले ने किया है। शिशिर कृष्ण शर्मा ने कथा विस्तार, हिन्दी संवाद और कार्यकारी निर्माता की जिम्मेदारी निभाई है। फिल्म की मूल कथा डॉ. नंदकिशोर हटवाल की है, जिन्होंने हिन्दी से गढ़वाली में संवादों का अनुवाद भी किया।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अभिनव गन्धर्व (डीओपी) और शेख काईज़र (एसोसिएट डीओपी) ने की है। उत्तराखंड के लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने संगीत देकर फिल्म को सांस्कृतिक गहराई प्रदान की है। संपादन एवं सह-निर्देशन वीरेन्द्र घरसे, कला निर्देशन अतुल विश्नोई, कॉस्टयूम गायत्री टम्टा, मेकअप पूजा भंडारी तथा निर्माण प्रबंधन राजेश कारेकर ने संभाला।
फिल्म में मोहित घिल्डियाल, दीपा देऊपा, रमेश नौडियाल, सतीश धौलाखंडी, सोनिया गैरोला, नीरज नेगी, अतुल रावत, सुशील पुरोहित, धीरज रावत, जसपाल राणा, आनंद राणा, संजय बडोनी, सुनील सिंह, तन्मय लोहानी, मास्टर ऋषभ, अनिल जखमोला, तनुज शर्मा, प्रेम हिंदवाल, पंकज डंगवाल सहित उत्तरकाशी के अनेक स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है।
फिल्म की राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि को उत्तराखंड की लोकभाषा, लोकसंस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को नई ऊर्जा और पहचान मिलने की उम्मीद है।
