*दीपक मिगलानी*
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की जिला शिकायत निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठकों में अब मौके पर ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। वर्षों तक औपचारिक मानी जाने वाली इन बैठकों में अब शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा शुरू की गई सख्त कार्यशैली का प्रभाव माना जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को पंचकूला में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने महिला थाना की एसएचओ राजेश कुमारी और एएसआई कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश देकर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की शिकायतों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
हरियाणा में वर्ष 2014 के बाद ग्रीवेंस कमेटियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिला। विशेष रूप से अनिल विज ने अपनी अध्यक्षता वाली बैठकों में शिकायतों की सुनवाई के दौरान कई बार मौके पर ही अधिकारियों के निलंबन, विभागीय कार्रवाई और जवाबदेही तय करने के आदेश दिए। उनकी इस कार्यशैली से ग्रीवेंस कमेटियों की बैठकों को नई गंभीरता मिली और आम लोगों में भी यह विश्वास बढ़ा कि उनकी शिकायतों पर तत्काल निर्णय लिया जा सकता है। अब अन्य मंत्री भी उसी शैली में अधिकारियों से जवाब मांगते हुए सख्त फैसले लेने लगे हैं।
सोमवार को पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान महिला थाना से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता और अधिकारियों की दलीलें सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने महिला थाना की एसएचओ राजेश कुमारी और एएसआई कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए।
बैठक के दौरान कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को कानून और नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों का मुख्यालय भोंडसी रखा जाए ताकि उन्हें कानून और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान बैठक में मौजूद डीसीपी ने सुझाव दिया कि पहले पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाए, लेकिन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तत्काल कार्रवाई पर जोर देते हुए अपने निर्देश बरकरार रखे। उनके इस फैसले से बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच गंभीरता का माहौल बन गया।
प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि जिस प्रकार अनिल विज ने ग्रीवेंस कमेटियों को केवल औपचारिक मंच न रहने देकर जवाबदेही तय करने का प्रभावी माध्यम बनाया, उसी दिशा में अब अन्य मंत्री भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कृष्ण लाल पंवार की कार्रवाई को भी उसी सख्त प्रशासनिक परंपरा का विस्तार माना जा रहा है।
हालांकि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अंतिम प्रशासनिक निर्णय विभागीय जांच और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के बाद होगा, लेकिन ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में दिए गए तत्काल कार्रवाई के निर्देशों ने यह संकेत दे दिया है कि हरियाणा सरकार जनता की शिकायतों के मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति अब और अधिक सख्त रवैया अपनाने के पक्ष में है।
