कालका की गांधी लाइब्रेरी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही इसे उपमंडल स्तरीय दर्जा दिया जाए- विजय बंसल एडवोकेट

 

हेमंत कुमार /रमोला न्यूज़ ब्यूरो

कालका, 3 अगस्त ।

कालका शहर की ऐतिहासिक गांधी लाइब्रेरी आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है। उक्त शब्द शिवालिक विकास मंच प्रदेशाध्यक्ष एंव हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट ने प्रैस को जारी ब्यान में देते हुए बताया कि उन्होने एतिहासिक गांधी लाईब्रेरी को राज्य सरकार के अधीन लाकर इसे उपमंडल लाईब्रेरी का दर्जा देने की मांग करते हुए मुख्यमन्त्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजा है और सरकार से लाईब्रेरी में पूरी सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है ताकि न केवल पुस्तक प्रेमियों को उनकी पसंद की किताबें उपलब्ध हों सके बल्कि नेशनल और इंटरनेशन स्तर पर कंपीटिशन की तैयारियां करने वाले छात्रों को भी कम खर्चे पर उनकी जरुरत की किताबें उपलब्ध हो सकें। इसके अलावा लाईब्रेरी को आधुनिकता देते हुए इसे डिजिटल करने की भी मांग की है ताकि नई पीढ़ि इस सुविधा का पूरा लाभ उठाकर अंतरार्ष्टीय स्तर की प्रतियोगिताओं को आसानी से पास कर सके।

विजय बंसल एडवोकेट ने मुख्यमन्त्री नायब सैनी को भेजे ज्ञापन में बताया कि पहले नगर पालिका कालका के अधीन रही तब इसका रखरखाव पूरी तरह से नहीं हो पाया। यह लाईब्रेरी वर्ष 2010 के बाद नगर निगम के अधीन रही लेकिन वर्ष 2020 में नगर परिषद का गठन होने के बाद से यह नगर परिषद कालका के अधीन संचालित है। इस लाइब्रेरी में पर्याप्त फर्नीचर, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नवीनतम पुस्तकें तथा आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इस लाइब्रेरी को अपग्रेड किया जाना चाहिए ताकि लोगों को सुविधाएं मिल सके और कालका के बच्चे राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर की किताबें यहां पढ़ सके। उन्होने बताया कि कालका की एकमात्र लाइब्रेरी में सुविधाओं का अभाव है यहां पर पूरा स्टाफ नहीं है यहां तक कि पिछले काफी समय से फर्नीचर भी अपग्रेड नहीं हुआ। विजय बंसल ने अपने प्रयासों से वर्ष 2006-2007 में गांधी लाइब्रेरी कालका में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करवाई थी।

गौरतलब है कि करीब 77 साल पूर्व कालका के समाज सेवी कपूर चंद जैन ने यह सारी जगह खरीद कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित करते हुए गांधी मेमोरियल म्युनिसिपल लाइब्रेरी के लिए सरकार को ज़मीन गिफ्ट कर दी थी। तत्कालीन अंबाला कमिश्नर नवाब सिंह ने 19 अप्रैल 1949 में इस लाइब्रेरी का उद्घाटन किया था। उस समय भी कालका को नगर पालिका का दर्जा उपलब्ध था कालका अंग्रेजी हकूमत के समय से देश की पहली नगर पालिकाओं में से एक है।

विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि कालका को 1981-82 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा उपमंडल का दर्जा दिया था जहां एक ओर आज हरियाणा प्रदेश में लगभग सभी उपमंडलों में उपमंडल स्तर की लाइब्रेरी हैं इसलिए कालका में भी वर्षों पुरानी लाइब्रेरी को अपग्रेड किया जाए। गौरतलब है कि 2008 में विजय बंसल की मांग पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शिक्षा मंत्री मांगेराम गुप्ता ने नगरपालिका को पत्र लिखकर लाइब्रेरी को अपग्रेड करने के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजने का सुझाव दिया था। लेकिन पालिका उस समय प्रस्ताव पास करने से चूक गया था।

विजय बंसल ने कहा है कि लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त कुर्सी-टेबल तक नहीं हैं। वहीं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे यूपीएससी, एचपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, एनडीए तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की अद्यतन पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते छात्रों को दूर-दराज के शहरों में जाकर निजी पुस्तकालयों या महंगी किताबों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

इसलिए इस संबंध में वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता विजय बंसल ने प्रदेश सरकार से गांधी लाइब्रेरी को नगर परिषद के अधीन रखने के बजाय राज्य सरकार के अधीन लाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कालका एक महत्वपूर्ण उपमंडल है और यहां की लाइब्रेरी को भी उपमंडल स्तरीय लाइब्रेरी का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि इसे पर्याप्त बजट, आधुनिक संसाधन और आवश्यक स्टॉफ उपलब्ध कराया जा सके। क्योंकि नगर परिषद में सीमित साधन होते हैं वह बड़े स्तर पर लाईब्रेरी को अपग्रेड करने में सक्षम नहीं है।

विजय बंसल ने कहा कि यदि लाइब्रेरी को उपमंडल स्तर का दर्जा मिलता है तो यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग सुविधाएं, हाई-स्पीड इंटरनेट, समाचार पत्र एवं विभिन्न विषयों की पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण तैयार करने हेतु पर्याप्त फर्नीचर और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा सकेंगी।

विजय बंसल ने प्रदेश सरकार से मांग की कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गांधी लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होने कहा कि कालका के लोगों का भी मानना है कि यदि लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाता है तो यह क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का प्रमुख केंद्र बन सकती है। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और युवाओं को अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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