राजेंद्र सिंह जादौन / रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़ :जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जींद सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने पर मीडिया ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए अपनी प्रस्तुतियों में जश्न मनाया था वैसा हकीकत के धरातल पर नहीं था। फिर आगे संचालन के परिणामों ने भी साबित किया है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन घाटे का सौदा साबित हो रही है।पिछले 17जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर हरियाणा के जींद स्टेशन से सोनीपत के लिए इस ट्रेन को रवाना किया था।उस समय केंद्र और हरियाणा सरकार ने भी इस ट्रेन के संचालन को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए जश्न मनाया था। हालांकि दक्षिण पूर्व एशिया में यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन है। इस ट्रेन के संचालन से ग्रीन रेल परिवहन का सपना जुड़ा है लेकिन इसे व्यवसाय के स्तर पर सफल बनाना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
इस हाइड्रोजन ट्रेन के करीब तेरह दिन के संचालन की रिपोर्ट से पता चला है कि संचालन में रोजाना 80 से 90 हजार रुपये की गैस खर्च हो रही है जबकि टिकटों से होने वाली आय लगभग सात हजार रुपये ही है। यानी ट्रेन की कमाई के मुकाबले संचालन खर्च करीब 12 गुना अधिक है।
रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन में प्रति किलोमीटर लगभग 500 रुपये का खर्च आ रहा है। जींद से सोनीपत के बीच रेलमार्ग का फासला 160 किलोमीटर है। केवल हाइड्रोजन गैस पर ही प्रतिदिन लगभग 80 से 90 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा ट्रेन के रखरखाव, तकनीकी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिचालन खर्च अलग से शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद से ट्रेन का नियमित संचालन किया जा रहा है। रेलवे की तकनीकी टीमें ट्रेन की गति, ईंधन खपत, सुरक्षा प्रणाली और परिचालन क्षमता की लगातार निगरानी कर रही हैं। ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7:40 बजे जींद रेलवे स्टेशन से सोनीपत के लिए रवाना होती है। ट्रेन में जींद से रवाना हुए यात्रियों का आंकड़ा निम्नानुसार है।
तारीख यात्री
18 जुलाई 22
19 जुलाई 25
20 जुलाई 30
21 जुलाई 32
22 जुलाई 37
23 जुलाई 42
24 जुलाई रखरखाव के लिए शकूरबस्ती ले जाया गया।
25 जुलाई 20
26 जुलाई 27
27 जुलाई 32
28 जुलाई 40
हाइड्रोजन ट्रेन में जींद की तरफ से सोनीपत जाने वाले यात्रियों की आंकड़ा 50 के पार नहीं हुआ है। हालांकि सोनीपत से जींद की तरफ आने वाले यात्रियों की संख्या 100 के पार हो जाती है। वहीं, 100 से 120 के लगभग यात्री जींद से सोनीपत के बीच आने वाले स्टेशनों पर उतरते और चढ़ते हैं। ट्रेन में अब तक 307 यात्री सफर कर चुके हैं।
हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने से पहले जींद-सोनीपत रूट पर 90 मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) बने हुए थे। ट्रेन के संचालन के बाद सात नए एमएसटी और जारी किए गए हैं। यह एमएसटी धारक सोनीपत रोजाना कारोबार के सिलसिले में आवागमन करते हैं। इससे संकेत मिलता है कि नियमित यात्रियों की संख्या में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।
