सरहद पार से नशा तस्करी करने वाले मॉड्यूल के दो व्यक्ति 64.6 किलो हेरोइन समेत अमृतसर से काबू

चंडीगढ़ / अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से चल रही मुहिम के दौरान नार्को-आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए काउंटर इंटेलीजेंस विंग की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर यूनिट ने सरहद पार से नशा तस्करी करने वाले मॉड्यूल के दो मुलजिमों को 64.62 किलोग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार करके इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर के गांव अवान वासाऊ के निवासी सरवन सिंह उर्फ गुज्जर और अमृतसर के गांव दयाल रंगड़ के रहने वाले शमशेर सिंह उर्फ शेरा के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने हेरोइन की बड़ी खेप बरामद करने के अलावा मुलजिमों की मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की है, जिसका वे नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल करते थे।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस मॉड्यूल के पाकिस्तानी तस्करों और पुर्तगाल आधारित हैंडलर से भी संबंध हैं।

उन्होंने कहा, “सरहद पार से तस्करी करने वाले इस गिरोह के पाकिस्तानी तस्कर मूसा, जिसका नाम 532 किलोग्राम हेरोइन रिकवरी मामले में सामने आया था, से भी संबंध हैं।” उल्लेखनीय है कि भारतीय कस्टम अधिकारियों ने 2019 में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) अटारी में 532 किलोग्राम हेरोइन की सबसे बड़ी बरामदगी की थी।

डीजीपी ने कहा कि इस मामले में पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने हेतु और जांच की जा रही है।

ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए ए.आई.जी. एस.एस.ओ.सी. अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से पुख्ता जानकारी मिली थी कि संदिग्ध सरवन सिंह और शमशेर सिंह ने कुछ दिन पहले सरहद पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप प्राप्त की है।

उन्होंने बताया कि जानकारी पर और छानबीन करने पर पता लगा कि अपने हैंडलरों के निर्देशों पर ये दोनों प्राप्त की गई खेप को किसी अन्य पक्ष तक पहुंचाने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि तेजी से कार्रवाई करते हुए एस.एस.ओ.सी. अमृतसर यूनिट टीम ने मुलजिमों को अमृतसर के महल बाईपास के पास काबू किया और उनके कब्जे से 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।

ए.आई.जी. ने कहा कि गिरफ्तार किए गए मुलजिमों को उनके हैंडलरों द्वारा खेप डिलीवर करने के बदले बड़ी रकम देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है।

इस संबंध में एफ.आई.आर. नंबर 23 दिनांक 17.04.2026 को एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराएं 21, 25 और 29 तथा भारतीय वायुयान अधिनियम की धाराएं 25, 26, 27, 28 और 29 के तहत पुलिस स्टेशन एस.एस.ओ.सी. अमृतसर में केस दर्ज किया गया है।

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