करनाल/घरौंडा : हरियाणा की सियासत में अपनी प्रखर बयानबाजी के लिए पहचानी जाने वाली सांसद कुमारी सैलजा ने आज करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी का तूफानी दौरा किया। फसल खरीद के प्रबंधों का जायजा लेते हुए उन्होंने किसानों, आढ़तियों और मजदूरों के बीच पहुँचकर उनकी नब्ज टटोली। सैलजा का यह दौरा केवल एक निरीक्षण नहीं, बल्कि सरकार की विकासात्मक दावों की पोल खोलने और जमीनी हकीकत को उजागर करने वाला एक तीखा राजनीतिक हमला साबित हुआ। पोर्टल और डिजिटल व्यवस्था पर सवाल: “हकीकत से दूर है डिजिटल समाधान”कुमारी सैलजा ने मंडियों में लागू की गई पोर्टल व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि “पोर्टल का खुलना केवल तकनीकी औपचारिकता है, लेकिन उसका सुचारू रूप से चलना और किसानों की पहुंच में होना असल चुनौती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी आता है, तो पोर्टल की तकनीकी खामियां उसे लंबी कतारों में खड़ा कर देती हैं, जिससे फसल खराब होने का जोखिम और आर्थिक नुकसान बढ़ जाता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक गंभीर सकारात्मक चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर छोटे व्यापारियों और आढ़तियों के वर्षों पुराने ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान का रिश्ता केवल व्यापारिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है, जिसे नई नीतियां चोट पहुँचा रही हैं। सैलजा के अनुसार, किसानों पर थोपे जा रहे जटिल नियम उन्हें खेती छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं।
एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर कुमारी सैलजा ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतें आम जनता की कमर तोड़ रही हैं। सरकार का दायित्व जनहितकारी नीतियां बनाना है, न कि जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी देश की वर्तमान आर्थिक परेशानियों का एक बड़ा कारण बताया।
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का जिक्र करते हुए सैलजा ने कहा कि किसान प्राकृतिक आपदा से तो लड़ ही रहा है, लेकिन उसे सरकारी मदद पाने के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार त्वरित राहत और पारदर्शी मुआवजा प्रणाली लागू करे ताकि अन्नदाता को संबल मिल सके।
इस दौरे के दौरान सैलजा के साथ पूर्व डिप्टी स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी, रघबीर संधू और जयपाल मान सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं की यह भारी मौजूदगी दर्शाती है कि पार्टी आगामी समय में किसान और मजदूर के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करने की तैयारी में है।
