प्रशासक ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर संग्रहालयों के महत्व पर प्रकाश डाला

पार्वती रमोला /रमोला न्यूज़

चंडीगढ़, 18 मई : पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ स्थित राजकीय संग्रहालय एवं कला दीर्घा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, पर्यटन सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह, निदेशक पर्यटन श्री नवीन तथा संग्रहालय निदेशक सुश्री ईशा कंबोज भी उपस्थित रहे।

इस वर्ष की थीम “म्यूजियम्स यूनाइटिंग ए डिवाइडेड वर्ल्ड” पर बोलते हुए प्रशासक ने कहा कि संग्रहालय देश के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को समझने में सहायता करते हैं तथा आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं को रखने के स्थान नहीं हैं, बल्कि ये लोगों को उनकी विरासत से जोड़ने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले स्थल हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के राजकीय संग्रहालय एवं कला दीर्घा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन के बाद भारत लाई गई अनेक मूल्यवान कलाकृतियाँ यहाँ संरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत विभिन्न देशों से अपनी सांस्कृतिक धरोहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को वापस लाने के प्रयास भी कर रहा है।

प्रशासक ने भारत सरकार द्वारा संग्रहालयों के आधुनिकीकरण और विरासत संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों, जैसे “म्यूजियम्स ऑफ इंडिया” पोर्टल और JATAN सॉफ्टवेयर का उल्लेख किया।

इस अवसर पर उन्होंने “पियरे जेनेरेट म्यूजियम चंडीगढ़” नामक चित्रात्मक ब्रोशर का विमोचन किया, जो अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 को समर्पित है। यह ब्रोशर राज्यपाल के संरक्षण में तैयार किया गया तथा हरप्रीत संधू द्वारा संकलित किया गया।

प्रशासक ने चंडीगढ़ ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित “चंडीगढ़ @75 – डाऊन द मेमोरी लेन” प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें शहर के प्रारंभिक विकास और विभाजन के बाद की यात्रा को दर्शाने वाली पुरानी तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं, साथ ही संग्रहालय में प्रदर्शित संग्रह भी शामिल था।

उन्होंने चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया तथा विद्यार्थियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने स्कूलों एवं कॉलेजों को नियमित रूप से संग्रहालय भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया, ताकि भारत की समृद्ध विरासत और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

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