*गंगा दशहरा पर्व पर ज्ञानसू स्थित शक्ति पार्वती गंगा तट पर एडवोकेट अभय राज सिंह नें व्याख्यान, गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ, पुष्प पौधारोपण का किया आयोजन*

*गंगा हरियाली, खुसहाली, उन्नति, प्रगति और समृद्धि का प्रतीक*
जसपाल सिंह/रमोला न्यूज़
उत्तरकाशी- गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर ज्ञानसू मनेरा झूला पुल पर स्थित ‘श्री शक्ति पार्वती गंगा के तट में प्राकृतिक घाट पर अभयराज सिंह बिष्ट एडवोकेट (योगीजन) नें अपनी पत्नी सुचिता के सहयोग से गंगा दशहरा पर्व पर व्याख्यान, गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ तथा पुष्प पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजन किया।

गंगा दशहरा के पर्व पर उपस्थित भक्तों नें प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक शक्ति पार्वती मां गंगा तट पर एकत्र होकर माँ गंगा की स्तुति व पूजा अर्चना कर जन कल्याण की कामना की, गंगा दशहरे पर्व की आस्था और विश्वास पर ज्ञानसू, उत्तरकाशी से काशी विश्वनाथ गंगोत्री तक देव डोलियों के साथ भक्तों का जन सैलाब उमडते दिखा, वैदिक परम्परा पर महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने भारतीय सनातन संस्कृति मे राजा सगर के 60000 पुत्रों के कपिल मुनि महाराज के श्राप से भस्म होने पर उनके उद्धार के लिए राजा सगर के पौत्र राजा अंशुमन की घोर तपस्या पर संवाद कर एक दूसरे से ज्ञान का आदान-प्रदान किया।

राजा दिलीप के पुत्र राजा भागीरथ की अति घोर तपस्या से प्रसन्न होने पर भगवान ब्रह्म द्वारा मां गंगा के स्वर्ग लोक से भगवान विष्णु के चरणों से निकल कर भूलोक में इसके प्रचंड वेग होने से सीधे पाताल लोक जाने से रोकने के लिए राजा भगीरथ को भगवान शिव की तपस्या कर उनको प्रसन्न करनें पर जोर दिया, अंततः राजा भागीरथ ने भगवान शिव की घोर तपस्या की तब जाकर भगवान शिव नें मां गंगा को अपनी जटाओं पर धारण कर एक मुख्य धारा में पृथ्वी लोक पर अवतरित किया।

हिंदू आस्था परंपरा में आज के ही दिन गंगा दशहरा पर्व का महात्म्य है, इस भूलोक (मृत्यु लोक) पर अवतरित हुई गंगा जिसनें राजा सगर के 60 हजार पुत्रों की आत्माओं का उद्धार किया, पतित पावनी, मोक्षदायनी, जीवनदायनी, पापनाशिनी के रूप में इस भूलोक में विराजमान है जो भारत ही नहीं बल्कि विश्व में प्रसिद्ध है, गंगा हरियाली, खुसहाली, उन्नति, प्रगति और समृद्धि का प्रतीक है, सुबह से सैकड़ो श्रद्धालुओं ने इस स्वच्छ पावन तट पर गंगा मे डुबकी लगाई ततपश्चात गंगा आरती हनुमान चालीसा, प्रसाद एवं मिष्ठान वितरण के साथ तट के किनारे-किनारे पुष्प पौधे रोपे।

ज्ञानसू के शक्ति पार्वती गंगा तट पर अभयराज सिंह बिष्ट अपनी माता के देह त्यागने के उपरांत दिनांक 14 जुलाई 2025 से अपने माता-पिता के मोक्ष प्राप्ति हेतु यहां पर अपने माता-पिता की सेवा के समान दैनिक स्वच्छता, गंगा स्नान, गंगा आरती, गौ सेवा और मां गंगा की आराधना करते रहते हैं, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा की स्वछता, सफाई और निर्मलता के संकल्प लेंनें का आह्वाहन किया, इस अवसर पर नगर सभासद वार्ड 11 ज्ञानसू देवराज बिष्ट उनकी पत्नी अनीता, पूर्व ग्राम प्रधान कंसेण शुरवीर सिंह, व्यापारी काशीराम सेमवाल , राजेंद्र जोशी, ममता, गीता, कोमल चौधरी, दीपक रावत, सक्षम, भारत पंवार, गीता सहित अनेकों श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

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