चंडीगढ़, 27 जून :(हरमिंदर नागपाल रामोला न्यूज)
आज चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के विशेष हाउस मीटिंग में पहुंचने के दौरान आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ ने अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित करोड़ों रुपये की चोरी के मामले को लेकर सेक्टर-17 स्थित नगर निगम भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर गहरी चोट है। भगवान श्रीराम के चरणों में श्रद्धा और विश्वास के साथ चढ़ाए गए आभूषण, नकदी और अन्य दान को लेकर उठे सवालों ने पूरे देश के राम भक्तों को आहत किया है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि जिस “अयोध्या मॉडल” का वर्षों तक देशभर में प्रचार किया गया, उस पर अब निर्माण कार्यों, जमीन खरीद, चढ़ावे और अन्य कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो केवल औपचारिक कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए।
पार्टी ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर प्रकृति के मामले में यदि जांच और कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखी जाती है, तो इससे यह धारणा बनती है कि वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी उच्च स्तर पर भी जिम्मेदारी बनती है, तो किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और भाजपा से सवाल किया कि जब भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीराम के मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आखिर करोड़ों राम भक्तों की आस्था और विश्वास की रक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? पार्टी ने पूछा कि क्या यही वह तथाकथित “अयोध्या मॉडल” है, जिसे वर्षों तक देशभर में सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार प्रशासन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया था?
पार्टी ने कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति और विश्वास के प्रतीक हैं और उनकी आस्था से जुड़े किसी भी मामले में सत्य सामने आना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना आवश्यक है।
इस दौरान आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रशासन ने इस मुद्दे पर उठ रही जनभावनाओं और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया। पार्टी के अनुसार, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और उन्हें सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में रखा गया।
पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ उठाना विपक्ष का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है, लेकिन भाजपा सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।
आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ ने स्पष्ट किया कि हिरासत, दबाव और दमन की राजनीति से वह पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनता की आस्था से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ बनकर संघर्ष जारी रखेगी।
“राम के नाम पर राजनीति करने वालों को राम भक्तों की आस्था से जुड़े सवालों का जवाब देना ही होगा।”
