तिलक चंद रमोला/ रमोला न्यूज़ ब्यूरो
नौगांव : कमल नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर रविवार को तलड़ा, सुनारा छानी, थली समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने नौगांव-पुरोला मोटर मार्ग पर करीब चार घंटे तक चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। जाम के चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम पुरोला मुकेश रमोला ने ग्रामीणों से वार्ता की और क्षतिग्रस्त पुल के स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम के एक सप्ताह के भीतर ट्रॉली निर्माण शुरू कराने तथा पुल निर्माण की डीपीआर को शासन से स्वीकृति दिलाने के प्रयास के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम और धरना समाप्त किया।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022-23 की आपदा में कमल नदी पर बनी आरसीसी पुलिया बह गई थी। इसके बाद तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद यहां स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। पुल न होने के कारण तलड़ा, सुनारा छानी, थली, विनगदेड़ा मल्ली समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों को रोजाना आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के लिए नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है।
चार घंटे तक सड़क पर डटे रहे ग्रामीण
पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश कुमार के नेतृत्व में नौगांव-पुरोला मोटर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले कई वर्षों से पुल निर्माण की मांग शासन-प्रशासन के समक्ष उठाई जा रही है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।
चक्का जाम के कारण नौगांव-पुरोला मोटर मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
एसडीएम ने किया क्षतिग्रस्त पुल स्थल का निरीक्षण
चक्का जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम पुरोला मुकेश रमोला मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे प्रकाश कुमार समेत ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद एसडीएम ने कमल नदी में क्षतिग्रस्त पुल के स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया और पुल निर्माण से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी ली।
एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर ट्रॉली निर्माण का कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बरसात के दौरान ग्रामीणों को अस्थायी रूप से आवाजाही की सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि तलड़ा पुल निर्माण के लिए तैयार डीपीआर को शासन से जल्द स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ट्रॉली निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ और पुल निर्माण की डीपीआर को स्वीकृति दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि कमल नदी पर पुल का निर्माण केवल तलड़ा गांव की जरूरत नहीं है, बल्कि तलड़ा, सुनारा छानी, थली और आसपास के कई गांवों के लोगों की आवाजाही से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। स्थायी पुल बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और मरीजों समेत सभी को बड़ी राहत मिलेगी।
चक्का जाम और धरने में अंकित रमोला, सुमन राणा, गजेंद्र, सुनील रावत, जनक नेगी, दिनेश कुमार, ऋतिक चमोली, नवीन चमोली, हरेंद्र सिंह राणा, सुरेंद्र राणा, विपिन रावत, मानवेंद्र राणा, विजय कुमार, सचिन कुमार, दीपक रमोला, विपिन, अनिल रावत, किशन, अनिता, संगीता, सुंदीला, सोनम, सुचिता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
