अशोक अरोड़ा की चुटकी, क्या करेगा बंसीलाल

*हरियाणा की डायरी*

संपादकीय पृष्ठ हेतु /सचित्र*

*प्रस्तुति :चंद्र शेखर धरणी*

*स्वतंत्र /वरिष्ठ पत्रकार*

*हरियाणे की चौपाल*

कांग्रेस के विधायक व वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा ने कहा की ज़ब चौ देवीलाल कहते थे की अगर वाह सत्ता मे आए तो वृद्ध अवस्था पेंशन लगा देंगे। तत्कालीन मुख्य्मंत्री बंसीलाल कहा करते थे की देवीलाल लोगों को बहका रहा है। वृद्ध अवस्था पेंशन शिरू ही नहीं हो सकती।तब चौ देवीलाल ने कहा था की थम सरकार बनवा दो मैं ऑर्डर कर कानून बना नीचे लिख दूंगा.. देवीलाल। तब बंसीलाल के कर लेगा। आख़िरकार सरकार बनी और चौ देवीलाल ने जो पेंशन शुरू की वह आज तक जारी है। कोई सी एम उसे बंद नहीं कर सके।सरकार अगर कोई कानून बनाना चाहे या कुछ करना चाहे तो सब संभव है।

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*जुबान के धनी अनिल विज*

हरियाणा के मौनसून सत्र के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विपक्ष के सवालों के जवाब मे यह कहा की सरकार नुहु व गुरुग्राम मे बिजली के निजीकरण के खिलाफ है। अनिल विज ने अतीत मे बिजली इंजिनियरस एसोसिएशन व सयुंक्त मोर्चे को जो वायदे किये उन पर खरे उतरे। कर्मचारी संगठन भी अब यह कहते हुने जा रहे हैँ की जुबान के धनी अनिल विज।हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने राज्य के गुरूग्राम-नूंह में बिजली वितरण को लेकर देने वाले सामानंतर लाईसेंस के संबंध में स्पष्ट किया कि सामानतंर लाईसेंस को लेकर राज्य सरकार ने पहले भी विरोध किया है और अब एक्सपर्ट कमेटी रिपोर्ट आ गई है, और हम अब भी विरोध कर रहे हैं और विरोध करेंगें। श्री विज ने यह भी कहा कि इस मामले में यदि उच्चतर अदालतों/कोर्टों में जाना पडेगा तो हम/सरकार वहां भी जाएगी।

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*एस आई आर ने मिलवाया लगभग 4 दशक के बिछड़े भाइयों को*

हरियाणा में एक अनोखा मामला सामने में आया जब लगभग पिछले 35 वर्षों से बिछड़े एक भाई का दूसरे भाई से मिलन हुआ। जो की सुनने में किसी फिल्मी की कहानी जैसे लगता है। लेकिन यह संभव हुआ एस आई आर के चलते। हुआ यूँ कि जींद जिले के एक गांव में जब एक व्यक्ति अपने वोट के सत्यापन के लिए पहुंचा तो जब बीएलोओ ने उसके परिचितों उसके गांव और परिचितों से संबंधित जानकारी लेकर जैसे ही संबंधित परिवार में पता किया तो व्यक्ति पिछले 35 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ा हुआ था। भाई से बात करते ही तुरंत दूसरा भाई मौके पर पहुंचा और एक दूसरे को गले लगा कर रो पड़े।इस दौरान उन्हें देख अन्य लोग भी भावुक नजर आए।

*बेदी ने विधानसभा में पसारा पल्ला*

अक्सर नेताओं को चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वायदे करते और पल्ले पल्ले पसारते हुआ देखा होगा। लेकिन हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र के दौरान जब प्रदेश में सफाई कर्मियों के चल रहे आंदोलन की बात आई तो बेदी ने कहा कि उन्होंने सफाई कर्मियों कर्मियों के समक्ष पल्ला पसारा था। समाज तो तैयार था लेकिन समाज के नेता तैयार नहीं थे। विपक्ष मेरे समाज को सड़कों और कोर्ट में लेकर जाना चाहता है ।इन्हें सफाई कर्मियों से कोई हमदर्दी नहीं बल्कि यह प्रदेश का वातावरण खराब करना चाहते हैं। हमारी सरकार को सफाई कर्मियों के प्रति पूरी हमदर्दी है। लेकिन जब सफाई कर्मचारी हित की बात सरकार करती है तो विपक्ष के पेट में दर्द होता है।

*सीएम ने विपक्ष पर कसा तंज़*

मौजूदा समय में प्रदेश में कर्मचारियों को पक्का करने को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य दूसरे दल भी सत्ता पक्ष भाजपा पर हमलावर हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा कर्मचारी रोजगार निगम की फुल फॉर्म बताकर विपक्षी पार्टी पर कुछ इस तरह तंज कसा। उन्होंने कहा कि हाय काला राज क्यों नहीं आया (Hkrn) । सीएम ने कहा कि इससे पूर्व में ठेकेदार कर्मचारियों का जमकर शोषण करते थे। हमने ठेकेदार और बिचौलियों दोनों को खत्म किया कर्मचारियों के लिए पारदर्शी, उत्तरदाई और कर्मचारी केंद्रित पॉलिसी बनाई।

*प्रदेश में चल रहे हैं कोहनी बाण*

हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान जहां कांग्रेस के काले कपड़े पहन कर आना चर्चा का विषय रहा। वहीं भूपेंद्र हुड्डा की चलाई गई कोहनी अभी सुर्खियां बटोर रही है । सत्ता पक्ष के हर एक नेता हुड्डा कि कोहनी को लेकर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तो यहां तक कह दिया कि हुड्डा ने कोहनी मार पुलिस कर्मी की कमर तोड़ दी। जबकि दूसरी ओर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पीड़ित पुलिस वाले के लिए न्याय की मांग की है।

*फिर बदली पुलिस अधिकारियों की लिस्ट*

प्रदेश के पुलिस विभाग में अफसर शाही के तबादले कि एक जंबो लिस्ट सरकार द्वारा जारी की गई थी। जिसमें आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। उसके बाद फिर से गृह विभाग द्वारा एक नई लिस्ट जारी की गई है जिसमें कुछ अधिकारियों को फिर से बदल गया है।कई जिलों के पुलिस कप्तान भी बदले गए हैँ। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो से पहले आई ए एस अधिकारीयों की लिस्ट भी आई।

*प्रस्तुति :चंद्र शेखर धरणी*

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