हेमंत कुमार /रमोला न्यूज़ ब्यूरो
पिंजौर। राजस्थान के तिजारा नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर हरियाणा के चंडीमंदिर में हुए घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के कसौली से राजस्थान जा रहे कांग्रेस समर्थित 19 पार्षदों और उनके परिजनों को चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने जबरन रोक लिया। उन्होंने दावा किया कि पार्षदों को उनकी गाड़ियों से उतारकर पुलिस वाहनों में बैठाया गया और उन्हें मोरनी की पहाड़ियों में घुमाया गया, ताकि वे निर्धारित समय पर तिजारा पहुंचकर सभापति चुनाव में मतदान न कर सकें।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि नजरबंद किए गए पार्षदों और उनके परिजनों ने वीडियो जारी कर अपने साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार की जानकारी सार्वजनिक की। इसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई के खिलाफ लगातार संघर्ष किया, जिसके दबाव में राजस्थान प्रशासन को चुनाव का समय बढ़ाना पड़ा।
चौधरी के अनुसार, चुनाव का समय बढ़ने के बाद पुलिस की निगरानी में रखे गए पार्षद वापस राजस्थान पहुंचे और उन्होंने चुनाव में हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को दो वोटों के अंतर से हराकर सभापति पद पर जीत दर्ज की।
पूर्व विधायक ने कहा कि लोकतंत्र किसी भी देश की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने के आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चंडीमंदिर में सामने आया यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और घटनाक्रम की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस, प्रवक्ता, पार्षदगण, पंचायतों के नुमाइंदों समेत पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का इस संघर्ष की लड़ाई में कंधे से कंधा लगाकर साथ देने के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि
भविष्य में भी कांग्रेसी कार्यकता सरकार की तानाशाही से लड़कर जनता के हकों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

