सुमेश कुमार /रमोला न्यूज़
चंडीगढ़, 15 अप्रैल, 2026: पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत “पोषण देता है पहले 1000 दिन” विषय पर आधारित गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं तथा 0–2 वर्ष के बच्चों को सहयोग प्रदान करना था। प्रोजेक्ट-2 में सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर की उपस्थिति में गोद भराई, प्री-स्कूल गतिविधियाँ एवं अन्नप्राशन समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, वहीं बच्चों ने भी आकर्षक एवं प्रभावशाली कविताएँ प्रस्तुत कीं।
एमएमटी में डॉ. दीक्षा शर्मा, सीबीई द्वारा एक विशेष जागरूकता व्याख्यान दिया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के लिए जीवन के पहले 1000 दिनों में उचित पोषण के महत्व पर बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त, रामदरबार में पंखुड़ी पोर्टल के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पुराने खिलौने, पुस्तकें एवं अन्य शिक्षण सामग्री दान करने हेतु एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिससे सामुदायिक भागीदारी एवं संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा मिला।
साथ ही, युवा समूह बैठकों, मोटे अनाज (मिलेट्स) के प्रोत्साहन, किचन गार्डन अभियान एवं घर-घर जाकर दैनिक आहार में मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देने जैसी विभिन्न गतिविधियाँ भी संचालित की गईं। आंगनवाड़ी केंद्रों को शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा शीघ्र स्तनपान की प्रथाओं पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के लिए मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देना, जंक एवं पैकेज्ड फूड से बचाव, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा को सुदृढ़ करना तथा टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु भी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
इन आयोजनों में समुदाय के सदस्यों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसने पोषण पखवाड़ा के आगामी दिनों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया।
