प्रीति कंबोज /रमोला न्यूज़
चंडीगढ़ , 31 मई।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए यह बेहद खुशी की बात है कि रेवाड़ी एम्स में जुलाई माह तक ओपीडी सेवाएं शुरू होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स के लिए 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे इस वर्ष ही संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि रेवाड़ी एम्स के शुरू होने से दक्षिण हरियाणा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, वहीं विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि पेट्रोल-डीजल सहित पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सके। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों में सोलर प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे अस्पताल अपनी जरूरत की बिजली स्वयं पैदा कर सकेंगे, बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में कई नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से चल रहा है। जींद में बन रहा मेडिकल कॉलेज लगभग तैयार हो चुका है और इसका हैंडओवर इसी वर्ष मिलने की संभावना है। इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर सीटों की संख्या तय की जाएगी तथा प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि करनाल जिले के कुटेल में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। इसके अलावा यमुनानगर, केथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा का दायरा भी बढ़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हैंडओवर इस वर्ष हो जाएगा। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और युवाओं को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि रेवाड़ी एम्स सहित प्रदेश में विकसित हो रहे नए मेडिकल संस्थान आने वाले वर्षों में हरियाणा को स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेंगे।
