*हरियाणा की डायरी

 

*प्रस्तुति:चन्द्र शेखर धरणी*
*वरिष्ठ, स्वतंत्र पत्रकार*

बड़े साहब का ‘बड़ा’ फैसला

नू तो हरियाणा ही नहीं हर प्रदेश की सरकार अपने लोगां खातर ढेर सारी स्कीमा चलावा है, पर इनमें सवाल यो उठा है कि जनता ने कौन सी स्कीम का फायदा मिला है…चलो हम इन बाता मैं ना पड़दे होए अपने हरियाणा की सरकार के बड़े साहब की बात करांगे। यू तो हरियाणा सरकार के बड़े साहब अरे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बारे मा तो हर कोई जाने सै। अपने मिलनसार और हंसते चेहरे के कारण वो पहले तै ही सारया के पसंदीदा मुख्यमंत्री है। अपने किसी ना किसी फैसले नू लेकर सरकार के बड़े साहब हमेशा जनता के बीच चर्चा में रहैवा है। इब इन बड़े साहब अरे भाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक और बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने फैसला लिया है कि हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इस खातर विश्व बैंक मिशन टीम भी दौरा कर चुकी है। सरकार की हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। यो कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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पंजे वाले दल के बेचारे !

आजकल हरियाणा की राजनीतिक चौपालों में एक मामला बतहेरी चर्चा में है। आप भी जानते ही होंगे कि कांग्रेस ने हरियाणा में अपने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है। इब हर कोई यो जानना चाहवा सै कि इन विधायका का के होवेगा। चौपालों में चर्चा है कि क्या इन विधायकों की सदस्यता रद्द होगी या फिर ये भाजपा में जावैंगे या के होवेगा। हमनै भी इन बातों को लेकर प्रदेश की कई राजनीतिक चौपालों का दौरा किया। फेर समझ में आई पूरी बात…चलो आपने भी समझांवे पूरा माजरा….दअरसल, हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के आरोप में कांग्रेस ने पांच विधायकों को निलंबित किया है। कांग्रेस द्वारा जिन पांच विधायकों को निलंबित किया गया है, उनके मामले में “पार्टी कार्रवाई” और “संवैधानिक स्थिति” अलग-अलग स्तर पर काम करेगी। पांचों कांग्रेस विधायकों के राजनीतिक भविष्य के कई पहलू हैं। कांग्रेस ने भले ही पांचों विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया, लेकिन विधानसभा में उनकी सदस्यता अथवा विधायक पद को कोई खतरा नहीं है। उनका पद तभी खतरे में होगा, यदि वे खुद कांग्रेस पार्टी छोड़ते हैं अथवा किसी दूसरे दल में शामिल होते हैं या फिर कांग्रेस की याचिका पर स्पीकर इन कांग्रेस विधायकों पर लगे आरोपों को सही मानते हैं। विधानसभा में कांग्रेस यदि कोई व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है, तो इन निलंबित विधायकों को उसे हर हाल में मानना होगा। किसी महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग की स्थिति में पार्टी व्हिप जारी करती है। आमतौर पर निलंबन की स्थिति में कांग्रेस विधायक दल या पार्टी की मीटिंग में इन विधायकों को नहीं बुलाया जाएगा। फिलहाल निलंबित पांचों विधायकों के पद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी से निलंबन का मतलब यह नहीं है कि उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गई। पांचों कांग्रेस विधायक विधानसभा के पूर्ण सदस्य बने रहेंगे और सदन की गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।यानी संविधान के तहत वे अभी भी “विधायक” हैं, जब तक कि विधानसभा से अलग से अयोग्यता (डिसक्वालाइफाइ) नहीं हो जाते। दसवीं अनुसूची के तहत, अगर कोई विधायक पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन राज्यसभा चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता। ऐसे में वह कांग्रेस के विधायक रहेंगे और उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा। अगर कांग्रेस पार्टी इन विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दाखिल करती है तो स्पीकर उसकी जांच करेंगे। स्पीकर यह फैसला करेंगे कि पांचों विधायकों पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह सही हैं या गलत हैं। अगर स्पीकर उन्हें दोषी मानते हैं तो पांचों विधायकों की विधानसभा से सदस्यता जा सकती है, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता या केस साबित नहीं होता तो स्पीकर इन विधायकों के साथ निर्दलीय जैसा व्यवहार कर सकते हैं, हालांकि औपचारिक रूप से सीट कांग्रेस पार्टी की ही रहेगी।
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इब शहर की सरकार भी करेगी संकल्प !

इन हरियाणा के विधानसभा चुनाव तो सारया ने याद ही होवैंगे। फुल वाले दल ने इस टैम पै एक संकल्प पत्र जारी किया था, जिसमें प्रदेश खातर काम करने की योजनाएं थी। इब फुल वाला दल उस तरहा का ही एक और संकल्प पत्र लेकर आन वाला सै। दअरसल, हरियाणा के कुछ शहरा मैं लोकल बॉडी यानि कमेटी, नगर निगम के चुनाव होने है। इब जब हरियाणा सरकार के सारे मंत्री डबल इंजन सरकार कहंदे फिरा है, यो कुछ दिन में ट्रिपल इंजन सरकार कहंदे सुनाई देंगे। अर फुल वाले दल ने इसे लेकर अपनी रणनीति भी बना ली है। दअरसल, भारतीय जनता पार्टी हरियाणा ने नगर निकाय चुनाव-2026 की तैयारियों को गति देते हुए राज्य स्तर पर संकल्प पत्र निर्माण समिति का गठन कर दिया है। पार्टी का कहना है कि यह समिति शहरी विकास, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सुझाव लेकर चुनावी घोषणापत्र तैयार करेगी। संगठन के बड़े साहब यानि प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की ओर से जारी लेटर के अनुसार, समिति में सरकार और संगठन के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है, ताकि स्थानीय निकायों से जुड़े जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता दी जा सके। निकाय चुनाव को लेकर बनाई गई कमेटी का फोकस कुछ प्रमुख विषयों पर रहने वाला है। पहला शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन। दूसरा- पीने का पानी, सीवरेज और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं। तीसरा- डिजिटल सेवाओं और नागरिक सुविधाओं का विस्तार और चौथा- स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति और राजस्व बढ़ाने के उपाय हैं। राजनीतिक चौपालों पर होने वाली चर्चा को माने तो यह समिति जल्द ही विभिन्न शहरों और वार्ड स्तर से सुझाव एकत्र कर नगर निकाय चुनाव-2026 के लिए विस्तृत और जनहित आधारित संकल्प पत्र तैयार करेगी। इसे चुनाव से पहले सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि मतदाताओं के सामने पार्टी का स्पष्ट रोडमैप रखा जा सके।
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इब ये के हो गया…?

इब तक तो हरियाणा में आम लोग ही पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के साथ ही धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते थे। पर इब तो हरियाणा सरकार में छोटे साहब रहे नेता जी ने भी बड़े आरोप लगा दिए है। छोटे साहब नहीं समझे..अरे भाई बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री के बाद उप मुख्यमंत्री। इब तो आप समझ ही गए होंगे कि हम इसी भाजपा सरकार के पूर्व के कार्यकाल में उप मुख्यमंत्री रहे दुष्यंत चौटाला की बात कर रहे है। दअरसल, हिसार में गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में कुछ विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उन पर पिस्टल तान दी…हालांकि इस घटना का वीडियो भी सामने आया है…दुष्यंत ने कहा कि सब्जी मंडी पुल पर पुलिस की एक गाड़ी से सादी वर्दी में एक पुलिसकर्मी ने उन पर पिस्टल तान दी। अर मामले का जो वीडियो सामने आया है, उसमें दिखाई दे रहा है कि एक पुलिस की गाड़ी दुष्यंत चौटाला की एस्कॉर्ट गाड़ी के सामने खड़ी है। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी हाथ में पिस्टल लेकर धमकाता हुआ नजर आ रहा है, जैसे ही दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला वहां पहुंचते हैं, वह पुलिसकर्मी तुरंत गाड़ी में बैठ जाता है। बताया जा रहा है कि दुष्यंत चौटाला ने गाड़ी पर चढ़कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मी गाड़ी को लेकर वहां से निकल गए। आपनै बता दें कि इस पूरे विवाद के बीच हिसार पुलिस ने मामले में जजपा के युवा अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि हिसार के एसपी ने दुष्यंत चौटाला के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामने आए वीडियो में मारपीट जैसी कोई स्पष्ट घटना नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत मिलती है तो पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।
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