*चारधाम यात्रा का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत आगाज, श्रद्धालुओं के लिए खुले यमुनोत्री-गंगोत्री धाम के कपाट*

 

जसपाल सिंह/रमोला न्यूज 

उत्तरकाशी/बड़कोट-अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चराण पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए, जहाँ गंगोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 15 मिनट तो यमुनोत्री धाम के कपाट ठीक दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर देश-विदेश से आनें वाले श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए, वहीं रविवार को दोनो धामों के कपाट खुलनें के बाद चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया, गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को कृतिका नक्षत्र कर्क लग्न व आयुष्मान योग में विधिवत मंत्रोचारण के साथ आगे पीछे 12 बजकर 15 मिनट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए, जहाँ शीत कालीन गद्दी स्थल से गंगाजी की देव डोली एक दिन पहले ग्रामीणों, श्रद्धालुओं के साथ वाद्ययंत्रों, सेना के बैंड बाजों की धुन पर जयकारों के साथ (मुखवा) से पैदल चलकर भैरव मन्दिर ठहरनें के बाद सुबह भैरोंघाटी भैरव मंदिर से अक्षय तृतीया के अवसर पर सुबह गंगोत्री पहुंचती है, वहीं मां यमुना की शीतकालीन गद्दी स्थल खुशीमठ (खरसाली) से पारंपरिक विधि-विधान के साथ डोली यात्रा प्रारंभ हुई। शनिदेव की डोली की अगुवाई में सुबह साढ़े आठ बजे मां यमुना की डोली यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई, इस दौरान ग्रामीणों ने भव्य ढंग से मां यमुना को विदाई दी, पूरे यमुनोत्री धाम क्षेत्र पारंपरिक वाद्य यंत्रों व आईटीबीपी देहरादून के बैंड की धुन से गुंजायमान रहा

माँ गंगा और यमुना के जयकारों से दोनों धामों का वातावरण भक्तिमय बनते देखा गया, माँ यमुना की डोली अपनें शीतकालीन प्रवास खरसाली (खुशीमठ) से अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में कालिंदी पर्वत की तलहटी में स्थित यमुनोत्री धाम के लिए आज शुभ मुहूर्त को रवाना हुई। खरसाली में ग्रामीणों एवं लोक देवताओं की डोलियों नें यमुना जी की डोली को भावुक कर देने वाले माहौल से विदा किया, माँ गंगा की उत्सव डोली के गंगोत्री धाम पहुंचनें पर तीर्थ पुरोहितों नें विधिवत पूजा अर्चना, गंगा लहरी, गंगा सहस्त्रनाम का पाठ करनें के बाद रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये गए, गंगोत्री धाम कपाट उदघाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंगोत्री पहुंचे, जहां उन्होंनें गंगा स्नान के बाद माँ गंगा के दर्शन व अखंड ज्योति के दर्शन कर गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से भी पहली पूजा अर्चना कर पुण्य अर्जित किया।

मुख्यमंत्री नें कहा आज हम सबके लिए अत्यंत शुभ और शौभाग्य का दिन है, कि अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों के भीतर विशेष उत्साह और उमंग देखनें को मिल रहा है, यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अलग ही जोश देखते बन रहा है, हमनें सभी यात्रियों की सुविधा के लिए समुचित एवं बेहतर तैयारियां सुनिश्चित की है, ताकि सभी की यात्रा सुखद, सरल और सुरक्षित हो सके, हमारी कामना है कि यह यात्रा सभी के लिए मंगलमय हो और माँ गंगा, यमुना, बद्री, केदार भगवान की कृपा सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश पर बनी रहे। उन्होंने कहा यात्रा को सुचारू, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए रखना हम सभी का सामूहिक प्रयास है, इस दिशा में सभी स्टेक होल्डर्स एवं चारधाम यात्रा से जुड़े हितधारकों नें पूरी तैयारी के साथ कार्य किया है, चारधाम यात्रा में आनें वाले सभी श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नें प्रेस के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत किया, गंगोत्री धाम पहुंचे श्रद्धालुओं नें भी सरकार द्वारा की गई व्यवस्था के लिए सरकार का धन्यवाद किया।

इस अवसर पर जहाँ गंगोत्री धाम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, डीएम प्रशान्त आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, गढ़वाल कोर्डिनेटर किशोर भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, ब्लाक प्रमुख राजदीप परमार, ममता पंवार, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मांनंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, विजय बहादुर रावत वहीं यमुनोत्री धाम में विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी रामसुंदर नौटियाल, ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजबीन पंवार, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन सिंह राणा, यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष, एसडीएम बृजेश तिवारी, सचिव सुनील उनियाल, प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, सीओ चंचल शर्मा, एसएचओ सुभाषचंद्र, एसओ पुरोला दीपक कठैत, मनमोहन उनियाल, रणबीर राणा, चैन सिंह प्यारे लाल, गिरीश उनियाल, आशुतोष, अनोज आदि सैकड़ों श्रद्धालरहे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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