नारी शक्ति विकसित भारत की गाड़ी का एक पहिया, विपक्ष इसे रोकना चाहता है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

रोमी सिंह /रमोला न्यूज़

पंचकूला, 24 अप्रैल।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब विकसित भारत का संकल्प लिया था तो उन्होंने इसके चार स्तंभ बताए थे। इनमें गरीब, किसान, महिला और युवा शामिल हैं। विकसित भारत की गाड़ी में महिला रूपी पहिया नहीं जुड़ेगा तो गाड़ी चलेगी कैसे? विपक्ष उस पहिए को रोकना चाहता है, उसके आगे रोड़े अटकने का काम कर रहा है। लेकिन इस देश ने और महिलाओं ने ठान लिया है कि विपक्ष की इस चाल को कामयाब नहीं होने देंगे।

यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को पंचकूला में विश्व परमार्थ फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘नारी सम्मान से राष्ट्र उत्थान’ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं के अधिकारों की आवाज को बुलंद करने का महान प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के समय मोदी जी ने कहा था कि 125 करोड़ भारतीय जब एक-एक कदम आगे बढ़ाएंगे तो देश 125 करोड़ कदम आगे बढ़ जाएगा। आज हमारी संख्या 140 करोड़ हो चुकी है जिसमें से आधी आबादी यानी 70 करोड़ नारी शक्ति है। विपक्षी दल इस 70 करोड़ की नारी शक्ति को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पूरा देश जानता है कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत गति से पिछले साढ़े 11 साल में आगे बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनते ही नारी को सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया था। उन्होंने जब हरियाणा से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की तब यहां 1000 बेटों पर 871 बेटियां थी। बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता था, मां-बाप बेटियों को बोझ समझते थे। प्रधानमंत्री ने उस कुरीति को देखा, समझा और इसीलिए हरियाणा से इस अभियान की शुरुआत की। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ केवल एक नारा नहीं है बल्कि इस अनूठे प्रयास ने पिछले साढ़े 11 साल में लाखों बेटियों को जीवनदान दिया है, बेटियों के प्रति विश्वास जगाने का काम किया है। इस अभियान का ही परिणाम है कि आज हरियाणा में बेटियां के जन्म में सुधार हुआ हैं। हमारी कई पंचायतों में तो बेटियों की जन्मदर 1000 से भी ज्यादा है। ऐसी पंचायतों को हरियाणा सरकार सम्मानित भी कर रही है। यह सब आदरणीय मोदी जी की पहल से संभव हुआ है। नारी को सशक्त बनाने के लिए ही माननीय प्रधानमंत्री लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए, परंतु विपक्ष को यह अच्छा नहीं लगता कि प्रधानमंत्री किसी समस्या का समाधान करें या किसी कुरीति का खात्मा करें अथवा देश के विकास के लिए कोई काम करें। ऐसा करते ही विपक्ष सरकार को गालियां देने लगता है। हम कहते हैं कि हमें गालियां दो लेकिन अच्छे कामों में रोड़े तो न अटकाओ। आज विपक्ष के कृत्यों को पूरा देश समझ रहा है। विपक्ष पूरी तरह से बौखलाहट में पागल हो गया है। मोदी जी गरीब की बात करते हैं तो विपक्ष को दिक्कत होती है। प्रधानमंत्री ने जब लाल किले से कहा कि महिलाओं के लिए हर घर में इज्जत घर यानी शौचालय बनाने का अभियान चलाया जाएगा तब उसका भी विपक्ष ने मजाक उड़ाया था, लेकिन इस अभियान के चलते ही पूरे देश ने एक बड़ा बदलाव देखा। महिलाओं को सशक्त करने वाला मोदी जी का यह पहला कदम था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है, ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। यह वाक्य हमारी हजारों वर्षों की सभ्यता का सार है। हमारी संस्कृति में नारी को केवल पूजनीय नहीं माना गया, बल्कि उसे सृजन, शक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना गया है। नारी के प्रति श्रद्धा का यह भाव ऐसे ही नहीं पैदा हो गया। इसके पीछे नारियों द्वारा परिवार, समाज और देश के लिए किया गया योगदान शामिल है। जननी और पालक तो वह है ही, सदियों से देश की अर्थव्यवस्था में भी बराबर का योगदान करती आई है। हमारी संस्कृति में गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा जैसी विदुषियों का उल्लेख मिलता है, जिन्होंने अपने ज्ञान और तर्क से समाज को दिशा दी। यह इस बात का प्रमाण है कि जब नारी को शिक्षा और सम्मान मिलता है, तो वह देश व समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में भी महिलाओं की वीरता के गौरवशाली उदाहरण हैं। इतिहास के पन्नों को यदि हम पलटें, तो हमें अनेक प्रेरणादायक उदाहरण मिलते हैं। आधुनिक काल में भी महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में अपनी बुद्धिमता, दक्षता और क्षमता की धाक जमा रही हैं। आज महिलाएं ज्ञान-विज्ञान के नए उभरे क्षेत्रों जैसे सूचना तकनीक, कम्प्यूटर, प्रबंधन, वास्तुशिल्प, चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान आदि में पुरुषों के बराबर काम कर रही हैं और कई क्षेत्रों में तो उनसे भी आगे हैं।

उन्होंने कहा कि आज जब देश की बेटियां स्टार्टअप चलाती हैं या वैज्ञानिक बनती हैं, तो वे केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा करती हैं। हमें ऐसी प्रतिभाशाली और प्रगतिशील महिलाओं पर गर्व है। इससे यह भी पता चलता है कि जब-जब महिलाओं को अवसर मिले हैं, उन्होंने अपने आपको साबित कर दिखाया है। इस बात को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनसेवा का दायित्व संभालते ही महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण का बीड़ा उठाया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थितगण से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जहां नारी को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि समान अवसर और अधिकार भी मिले। जहां हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सके और हर महिला आत्मनिर्भर बन सके।

इस अवसर पर स्वामी सम्पूर्णानंद महाराज, सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया तथा हरियाणा विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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