महिला आरक्षण बिल पर भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे के साथ कर रही खिलवाड़ : आदित्य सुरजेवाला 

 

प्रीति कंबोज/ रमोला न्यूज़

चंडीगढ़, 27 अप्रैल :

हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में कैथल कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने अभिभाषण में आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है, जबकि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे के साथ खिलवाड़ कर रही है।

विधायक सुरजेवाला ने अपने अभिभाषण में तथ्यों के साथ भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया तो पूरी कांग्रेस ने इसका समर्थन किया। हर कांग्रेस सांसद ने बिल के पक्ष में वोट डाला। यह कांग्रेस का बिल था, जिसे 2010 में राज्‍यसभा में पास कराया गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और नरसिम्हा राव ने 73वें व 74वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को पंचायतों में आरक्षण दिलाया। आज जो महिला सरपंच, पंचायत सदस्य और जिला परिषद सदस्य हैं, वह कांग्रेस की देन है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल करते हुए कहा कि 2023 का बिल पास होने के बाद तीन साल तक भाजपा ने इसे लागू क्यों नहीं किया? 17 अप्रैल 2026 को ही नोटिफाई क्यों किया? क्या यह टाइमिंग भाजपा द्वारा राजनीतिक फायदे के लिए महिलाओं के आरक्षण के साथ खिलवाड़ नहीं है?

भाजपा द्वारा लाए गए नए बिल की सच्चाई उजागर करते हुए विधायक आदित्य सुरजेवाला ने दावा किया कि भाजपा का यह बिल महिलाओं को संख्या के आधार पर आरक्षण न देकर उनके हकों के साथ कुठाराघात करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बिल लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने, नई डेलिमिटेशन कमीशन बनाने और 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर डेलिमिटेशन करने का प्रावधान रखता था। अगर भाजपा सरकार चाहती तो लोकसभा में उसी वक्त यह बिल लागू कर सकती थी लेकिन इनकी मंशा केवल लोकसभा सीटों को बढ़ाना और वोट डिलिमिटेशन करना था।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की आज 10 लोकसभा सीटें हैं, नए बिल में 13-14 मिल सकती थीं, लेकिन 850 सीटों वाले सदन में यह सिर्फ 1.5% रह जातीं। भाजपा द्वारा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, गोवा, दिल्ली, असम और पूरे नॉर्थईस्ट की राजनीतिक ताकत खत्म करने की साजिश थी।

पिछड़े वर्गों के हक़ को लेकर भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी रोज़ पिछड़े वर्गों का नाम लेते हैं, लेकिन कास्ट सेंसस की मांग कांग्रेस और राहुल गांधी ने उठाई। कांग्रेस चाहती है कि बीसी समाज महिलाओं को भी महिला आरक्षण का पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा 2027 की नई जनगणना से डरती है, इसलिए पुराने 2011 के आंकड़ों पर डेलिमिटेशन की साजिश रची गई। ताकि 2027 की जनगणना में बीसी समाज को अपनी सही संख्या न पता चल जाए और जिससे मातृशक्ति महिला आरक्षण में अपना हक न माँग ले।

आदित्य सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि जांगड़ा, प्रजापति, सुनार, धीमान, सैनी, कंबोज, कश्यप आदि समाजों की माताओं और बेटियों की आवाज विधानसभा में क्यों नहीं गूंजनी चाहिए?

उन्होंने कांग्रेस की ओर से वादा करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री आज ही प्रधानमंत्री के पास जाकर सभी बीसी समाज महिलाओं को महिला आरक्षण बिल में उनका हक दिलाने की बात करेंगे, तो कांग्रेस उनके साथ खड़ी होगी।

विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ आरक्षण की नहीं, बल्कि हरियाणा के स्वाभिमान की, छोटे राज्यों के अस्तित्व की और हर बहन-बेटी की लड़ाई है। जब तक उनका हक नहीं मिलता, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *