बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त, कई विभागों से मांगी रिपोर्ट

 

सोनिका भाटिया/ रमोला न्यूज 

चंडीगढ़

हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने राज्य में बच्चों के विरुद्ध लगातार बढ़ रहे अपराधों पर गंभीर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन सी आर बी) की “क्राइम इन इंडिया-2024” रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में विभिन्न विभागों और एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट में हरियाणा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। वर्ष 2024 में बच्चों के विरुद्ध अपराधों के 7,547 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में लगभग 17.9 प्रतिशत अधिक हैं। बच्चों के विरुद्ध अपराध दर प्रति एक लाख बाल जनसंख्या पर 82.8 बताई गई है, जो देश में सबसे अधिक है।

रिपोर्ट में हत्या, बलात्कार, पोक्सो एक्ट के तहत यौन अपराध, अपहरण, मानव तस्करी, बाल विवाह, परित्याग और बाल शोषण जैसे मामले शामिल हैं। आयोग ने कहा कि विशेषकर बालिकाओं से जुड़े पोक्सो मामलों में वृद्धि बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

आयोग ने टिप्पणी की है कि संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के बावजूद बच्चों के विरुद्ध हिंसा, शोषण और उपेक्षा के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे निवारक तंत्र और संस्थागत जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं।

आयोग ने कहा कि स्कूल, छात्रावास, बाल देखभाल संस्थान और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित और गरिमामय वातावरण सुनिश्चित करें।

इस संबंध में गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा पुलिस और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों सहित कई विभागों से अपराध रोकथाम, जांच, पुनर्वास, काउंसलिंग और बाल सुरक्षा उपायों पर रिपोर्ट मांगी गई है।

असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी।

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