सुरेन्द सिंह / रमोला न्यूज़
पिंजौर 6 जून : शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल एडवोकेट ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी, मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी और केंद्रीय भारी उद्योग विभाग सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव टेक्निकल एजुकेशन हरियाणा को ज्ञापन भेज कर एचएमटी पिंजौर में बंद पड़े टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर को पुन चालू कर इसे टेक्निकल यूनिवर्सिटी (तकनीकी विश्वविद्यालय) का दर्जा देने की मांग की है।
विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि सन 1963 में एचएमटी फैक्ट्री में मैकेनिकल और फीटर जैसे टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर को आरंभ किया गया था जिसमें पहले एचएमटी कर्मचारी और अधिकारियों को ही टेक्निकल ट्रेनिंग दी जाती थी। लेकिन सन 1971 में इस ट्रेनिंग सेंटर को आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। यहां से ट्रेनिंग करने के बाद हजारों छात्रों को विभिन्न स्थान पर नौकरियां भी मिली थी। विजय बंसल ने बताया कि यहां के ट्रेनिंग सेंटर में आईटीआई करने वाले छात्रों को 1 साल का कोर्स जब की अन्य छात्रों को 3 साल का मैकेनिक और फाइटर जैसे तकनीकी कोर्स कराए जाते थे। उन्होंने बताया कि यहां पर अप्रेंटिसिप एक्ट 1961 के तहत छात्रों को ट्रेनिंग दी जाती थी जिसका सर्टिफिकेट देश, विदेश में मान्यता प्राप्त होता था।
विजय बंसल एडवोकेट ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिवालिक विकास मंच के प्रयासों से केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी से वर्ष 2013 में इस टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर को अपग्रेड करने के लिए 2 करोड़ रुपए की अनुदान राशि भी मंजूर करवाई थी। जिससे छात्रों के लिए हाल आधुनिक मशीने और कमरे आदि बनाए गए थे।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि यह इस इलाके का दुर्भाग्य रहा की वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को बंद करने का निर्णय लिया था तभी से इस ट्रेनिंग सेंटर को भी धीरे-धीरे बंद कर दिया गया था जिसकी मशीनरी अभी भी अंदर पड़ी हुई जंग खा रही है। हालांकि यह ट्रेनिंग सेंटर एचएमटी मशीन टूल्स के अधीन था लेकिन ट्रैक्टर प्लांट के साथ इसे भी बंद कर दिया गया था। विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि इससे पूर्व वर्ष 2005 में एचएमटी मैनेजमेंट ने केंद्र सरकार को प्रपोजल बनाकर भेजी थी कि एचएमटी ट्रेनिंग सेंटर को किसी विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए। मैनेजमेंट ने टेक्निकल एजुकेशन विभाग से भी इस विषय में अप्रूवल मांगी थी लेकिन टेक्निकल एजुकेशन विभाग ने कहा कि पहले केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय से टेक्निकल यूनिवर्सिटी को अप्रूव करवाए।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि एचएमटी टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर को तकनीकी विश्वविद्यालय का दर्जा देने से केंद्र और प्रदेश सरकार को यूनिवर्सिटी बनाने के लिए करोड़ों रुपए का खर्चा नहीं करना पड़ेगा ना ही कोई जमीन अधिग्रहण करनी पड़ेगी। क्योंकि एचएमटी में पहले से ही यूनिवर्सिटी स्तर का बना बनाया सेटअप तैयार पड़ा है। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में सीएनसी की आधुनिक मशीने पड़ी है जो अन्य किसी टेक्निकल यूनिवर्सिटी में नहीं मिलेगी। सरकार को बनी बनाई यूनिवर्सिटी स्तर की पूरी मशीनरी यहां पर उपलब्ध मिलेगी एचएमटी रेलवे और सड़क मार्ग दोनों से जुड़ा हुआ है। और यह राजधानी चंडीगढ़ के समीप है। यहां टेक्निकल यूनिवर्सिटी खुलने से न केवल हरियाणा, पंजाब, हिमाचल बल्कि पूरे उत्तर भारत के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। केवल केंद्र और हरियाणा सरकार को इसे तकनीकी विश्वविद्यालय का दर्जा देने की ही घोषणा करनी है शेष बुनियादी ढांचा बना हुआ है।
