तिलक चंद रमोला नौगांव : पैंसठ गांव के इष्ट देव मूलत्पति रुद्रेश्वर महाराज इन दिनों यमुना घाटी से लेकर चकराता और जौनपुर क्षेत्र के धार्मिक भ्रमण पर हैं। देव परंपरा के तहत महाराज विभिन्न गांवों में पहुंचकर श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
शुक्रवार को रुद्रेश्वर महाराज पहली बार अपने तियां थान से चकराता क्षेत्र के जोगियूंकां गांव पहुंचे। यहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, देव रीति-रिवाजों और श्रद्धाभाव के साथ उनका भव्य स्वागत किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर समिति के अनुसार शनिवार को पूजा-अर्चना के बाद रुद्रेश्वर महाराज पुनः तियां थान में विराजमान होंगे। इसके उपरांत रविवार को वह टिहरी गढ़वाल के जौनपुर क्षेत्र स्थित सिंधोल गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। दूसरे दिन वापस रस्टाड़ी कंडाऊ थान में विराजमान होगें।
उनके आगमन पर सिंधोल में भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें यमुना घाटी, जौनपुर और जौनसार-बावर क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मंदिर समिति के संरक्षक जयेंद्र सिंह राणा तथा केंद्रीय समिति के अध्यक्ष जगमोहन परमार ने बताया कि रुद्रेश्वर महाराज की यह प्राचीन देव परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि महाराज अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर देव संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की।
