रमोला न्यूज नौगांव : जुलाई माह में हुई भारी वर्षा और भूस्खलन से प्रभावित कोटगांव–जखोल वार्ड के आठ गांवों में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था किए जाने की मांग उठी है। जिला पंचायत सदस्य रवीना रावत ने इस संबंध में जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत फिताड़ी, लेवाड़ी, राला, कासला, धाटमीर, पवाणी, गंगाड़ और ओसला सहित सीमांत क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण पैदल संपर्क मार्ग, पुलियां और आवागमन के रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई स्थानों पर रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं, जबकि अब तक वैकल्पिक मार्ग और पुलियों की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रवीना रावत ने बताया कि वर्तमान स्थिति में बीमार, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उपचार के लिए कई किलोमीटर तक पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ रहा है। समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है। वहीं विद्यार्थियों, किसानों और महिलाओं का दैनिक आवागमन भी कठिन और असुरक्षित हो गया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का संबंधित विभागों की संयुक्त टीम से शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त संपर्क एवं पैदल मार्गों का तत्काल पुनर्निर्माण, भूस्खलन संभावित स्थलों पर रिटेनिंग वॉल एवं ढाल स्थिरीकरण के कार्य, आवश्यक स्थानों पर स्थायी और अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तथा पुलियों का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा दुर्गम गांवों के लिए सुरक्षित एवं सर्वकालिक आवागमन सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू किए जाएं।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, गढ़वाल मंडल आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी प्रेषित की गई है।
