चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी कई चुनाव हर चुके है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हरियाणा में परिसीमन हो रहा है और लोकसभा व विधानसभा की सीटें बढ़ रही हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि विभाग में किसी भी स्तर पर होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए।
विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर नहीं लगता, बल्कि मोदी जी को कांग्रेस से डर लगता है क्योंकि बब्बर शेर उन्हें पकड़ लेगा और कार्रवाई होगी, जिस पर तंज कसते हुए हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि यही कारण है कि राहुल गांधी जी हर प्रदेश में ढेर हो रहे है, राहुल गांधी कई चुनाव हर चुके है। मंत्री विज कहा कि अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते।
नगर निगम चुनावों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार है और तीनों जगह भाजपा विजय पताका फहराएगी। मंत्री अनिल विज ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि भाजपा का कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है।
मंत्री विज ने दावा किया कि जिस तरह प्रदेश की जनता ने विधानसभा और पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में पीएम मोदी की नीतियों और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर मुहर लगाई थी, उसी तरह आगामी नगर निगम चुनावों में भी कमल खिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंबाला समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा और जनता विपक्ष के झूठे वादों में आने वाली नहीं है।
विज ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन हो रहा है और लोकसभा व विधानसभा की सीटें बढ़ रही हैं। सभी दोबारा बनेगी और हरियाणा में लगभग 120 विधानसभा होने की उम्मीद है इसलिए कांट-छांट की भी संभावना है। उन्होंने अपने विभागों में तबादलों पर चल रही चर्चाओं पर कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक, विभाग में किसी भी स्तर पर होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए और उनके कार्यालय के माध्यम से ही आगे बढ़ने चाहिए। उन्हें कुछ शिकायतें मिली थीं जहाँ सीधे तबादले किए गए थे। इसी को देखते हुए उन्होंने लिखित निर्देश जारी किए थे।
