हरियाणा में किसानों का बड़ा आंदोलन : नए खरीद नियमों के विरोध में चक्का जाम, सिरसा में हाईवे पर डटे किसान

चंडीगढ़/सिरसा : हरियाणा में रबी फसलों की खरीद के नए नियमों को लेकर किसानों और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर आज प्रदेश भर के किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार सुबह 11 बजे से ही किसानों ने कई जिलों में प्रदर्शन शुरू कर दिए, जिससे प्रदेश की यातायात व्यवस्था और मंडियों का कामकाज प्रभावित हुआ है। आंदोलन का सबसे ज्यादा असर सिरसा जिले में देखने को मिल रहा है। यहाँ भावदीन टोल के पास किसान बड़ी संख्या में हाईवे पर बैठ गए हैं, जिससे दिल्ली-सिरसा मार्ग बाधित हो गया है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक को अन्य रास्तों पर डायवर्ट किया है। सिरसा के अलावा पानीपत और फतेहाबाद में भी किसान हाईवे तक पहुँच गए हैं और विरोध प्रदर्शन जारी है।

किसान संगठनों ने आज सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में फसल की तुलाई (तौल) बंद करने का निर्णय लिया है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया में जटिल और अव्यवहारिक नए नियम थोप दिए हैं। अधिकारियों की गड़बड़ी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने फसल खरीद के लिए जो नए नियम लागू किए हैं, वे किसान विरोधी हैं। संगठनों ने इन नियमों को वापस लेने के लिए सरकार को 10 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण आज प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की कॉल दी गई है।

किसानों के आंदोलन को देखते हुए हरियाणा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। डीजीपी अजय सिंघल ने सभी जिला कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखें और मंडियों के बाहर कड़ी निगरानी बरती जाए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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