सीएम नायब सिंह सैनी की पहल और तरुण भंडारी की मध्यस्थता से उत्तराखंड विवाद का शांतिपूर्ण समाधान, गिरफ्तार चारों निहंग सिखों को मिली जमानत

 

पवन चोपड़ा/ रमोला न्यूज़

चंडीगढ़:

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गंभीर पहल और उनके राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी के सक्रिय हस्तक्षेप से उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान हो गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार देर शाम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की, जिसके बाद शनिवार को पांवटा साहिब में दोनों पक्षों के बीच बैठक कर विवाद को सुलझा लिया गया।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस मामले को सुलझाने के लिए शुक्रवार शाम सिख जत्थेबंदियों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करवाई गई। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बाबा मेजर सिंह सोढ़ी ने किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को स्वयं सिख जत्थेबंदियों के साथ उत्तराखंड जाकर समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी।

शनिवार सुबह तरुण भंडारी बाबा मेजर सिंह सोढ़ी के साथ पांवटा साहिब पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा प्रशासनिक स्तर पर संवाद के बाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद का समाधान निकाल लिया गया।

बैठक के बाद तरुण भंडारी ने बताया कि भविष्य में किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के लिए सिख जत्थेबंदियों की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किया जाएगा। यदि किसी भी श्रद्धालु या स्थानीय व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी सूचना तत्काल इस नंबर पर दी जाएगी और संगठन स्वयं आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इसी प्रकार उत्तराखंड के सामाजिक संगठनों की ओर से भी एक संपर्क नंबर जारी किया जाएगा, ताकि किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाकर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक शरारती तत्व इस प्रकार के मामलों को अनावश्यक रूप से तूल देने का प्रयास करते हैं। ऐसे तत्वों से भविष्य में सभी पक्षों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि सामाजिक सौहार्द और भाईचारा प्रभावित न हो।

उल्लेखनीय है कि 16 जून 2026 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में एक होटल के समीप वाहन पार्किंग को लेकर श्री हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के बीच मामूली कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई थी। इस मामले में चमोली पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी चार निहंग सिखों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 109, 125, 281, 352 एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज किया था।

दूसरी ओर, घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर 20 जून को स्थानीय अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी मारपीट का मामला दर्ज किया गया। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने इसकी विवेचना चमोली से स्थानांतरित कर हरिद्वार जिले को सौंप दी थी।

इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में पहुंचा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तरुण भंडारी ने सिख जत्थेबंदियों और संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

इसी क्रम में शनिवार को चमोली के जिला एवं सत्र न्यायालय से न्यायिक हिरासत में बंद चारों निहंग सिखों को जमानत मिल गई। इसे विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अंग्रेज सिंह रानियां, संयुक्त सचिव बलविंदर सिंह भींडर, सदस्य गुरनाम सिंह लाड़ी, बाबा मेजर सिंह सोढ़ी, कुलदीप सिंह फग्गू, गुरदीप सिंह धनोली, हरमनदीप सिंह तथा कमलदीप सिंह एजराना सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सामाजिक संगठनों की सकारात्मक भूमिका के चलते यह विवाद शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने से क्षेत्र में भाईचारे और आपसी विश्वास का संदेश गया है।

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