कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़ /करनाल, 4 अक्टूबर।
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा शनिवार को करनाल पहुंचीं और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और धान खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। करनाल में बेगमपुरा स्वाभिमान संघर्ष समिति की ओर से आयोजित ‘बेगमपुरा स्वाभिमान प्रबुद्ध सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने सामाजिक न्याय, समानता, संवैधानिक अधिकारों और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों के भारत को साकार करने की है। बाबा साहेब ऐसा समाज चाहते थे, जहां व्यक्ति की पहचान जाति, वर्ग अथवा आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि समान अधिकार और मानवीय गरिमा के आधार पर हो। देश और समाज का वास्तविक उत्थान तभी संभव है, जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी शिक्षा, अवसर, न्याय और सम्मान का समान अधिकार मिले।कुमारी सैलजा ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार दिया है। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाकर मुख्यधारा में शामिल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बाबा साहेब के विचार आज भी देश को सामाजिक न्याय और समानता की दिशा दिखाते हैं।
इसके बाद कुमारी सैलजा घरौंडा की अनाज मंडी पहुंचीं, जहां उन्होंने धान लेकर आए किसानों के साथ-साथ आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत कर खरीद प्रक्रिया में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडियों में परेशान हो रहे हैं और उन्हें उपज का उचित दाम मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आढ़ती और मजदूर भी खरीद व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को बार-बार पोर्टल और दूसरी प्रक्रियाओं में उलझाने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे खरीद सुचारु हो और किसान को समय पर उसकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
कुमारी सैलजा ने एक किसान द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई किसान अपनी फसल बेचने की परेशानी के कारण इस हद तक पहुंचता है तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि किसानों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए और खरीद प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जाए।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने धान खरीद और मंडी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ मतदाता सूचियों तथा चुनावी प्रक्रिया पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन विषयों को सार्वजनिक रूप से उठा रहे हैं। प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
अपने करनाल प्रवास के दौरान कुमारी सैलजा पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी के ताया स्वर्गीय सरदार सुरजीत सिंह विक की अंतिम अरदास में भी शामिल हुईं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

