रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला , 2 मई-हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियों और व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, बदलती शहरी चुनौतियों के समाधान के लिए नीतिगत और नियामक ढांचे को समय-समय पर अद्यतन करना भी आवश्यक है।
श्री अनुराग रस्तोगी आज पंचकूला में इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया– हरियाणा क्षेत्रीय अध्याय (आईटीपीआई–एचआरसी) द्वारा आयोजित राउंडटेबल चर्चा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम ‘हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975’ के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। चर्चा को तीन प्रमुख सत्रों-लीडर्स राउंडटेबल, रियल एस्टेट उद्योग राउंडटेबल और प्लानर्स राउंडटेबल में विभाजित किया गया।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1975 में लागू यह अधिनियम हरियाणा में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नगर नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अधिनियम की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। चर्चा के दौरान सतत शहरी विकास, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और बदलती नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिनियम को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
आईटीपीआई–एचआरसी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम प्रशासन, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिसमें हरियाणा के शहरी विकास को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न सुझाव सामने आए।
लीडर्स राउंडटेबल में केंद्र सरकार के औषधि विभाग में संयुक्त सचिव श्री टी.एल. सत्यप्रकाश, हरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री, हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के मुख्य आयुक्त श्री टी.सी. गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एस.एस. ढिल्लों शामिल रहे। इस सत्र का संचालन सेवानिवृत्त मुख्य नगर योजनाकार श्री जसवंत सिंह ने किया।
