चंडीगढ़, 12 मई: प्रीति कंबोज /रमोला न्यूज़
भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में शानदार बदलाव लाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं कक्षा के नतीजों ने न सिर्फ प्रभावशाली 94.52 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि मेरिट में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और लड़कियों के बढ़ते दबदबे को भी दर्शाया है।
इस परीक्षा में 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए, लड़कियों ने 95.96 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 रहा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों में पहले तीन स्थान हासिल करने वाले तीन विद्यार्थियों को पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ का सबूत बताते हुए कहा कि पंजाब के बच्चों में अथाह प्रतिभा है और अब उन्हें देश के सबसे बेहतरीन विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचा मिल रहा है।
विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन विद्यार्थियों, हरलीन शर्मा, मनीमहेश शर्मा और रिया रानी ने क्रमशः 99.38 प्रतिशत, 99.23 प्रतिशत और 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इन विद्यार्थियों ने मेहनत, लगन और दृढ़ इरादे से यह सफलता हासिल की है। यह हमारे लिए गौरव का और यादगार मौका है। विद्यार्थी, उनके माता-पिता और शिक्षक इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विद्यार्थी अपने साथियों और युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बनेंगे। वे अनगिनत अन्य विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि उन्हें उड़ान भरने के लिए पंख दिए जाएं तो वे हर क्षेत्र में ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हमारी सरकार राज्य के हर विद्यार्थी को बेहतरीन स्कूली शिक्षा के लिए सबसे अच्छा माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तीनों विद्यार्थी अपनी पसंद की किसी भी स्ट्रीम में स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए प्रशंसा स्वरूप 50,000 रुपए के चेक भी सौंपे।
शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की सफलता के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के सतत प्रयासों से पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए और शिक्षकों को बेहतरीन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। ये सुधार अब प्रत्यक्ष नतीजे दे रहे हैं और पंजाब स्कूली शिक्षा में अग्रणी के रूप में उभर रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं, जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। पिछले चार सालों से पंजाब सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण विधियों और स्मार्ट क्लासरूमों पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है।”
इस दौरान तीनों विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार द्वारा आईआईटी और जेईई कोचिंग तक मुफ्त पहुंच प्रदान करना उत्साहजनक है, जो आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल रहा है।
इस मौके पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
