निःशुल्क प्रशिक्षण से युवाओं का भविष्य संवार रहे सैनिक राजेश सेमवाल,

 

गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ दि रेजीमेंट अवार्ड से सम्मानित

तिलक चंद रमोला,नौगांव: 

देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं को नशामुक्त, अनुशासित और राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करने में जुटे सेवा निवृत्त सैनिक नायक राजेश सेमवाल को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ दि गढ़वाल राइफल्स लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, पीएचडी तथा गढ़वाल रेजीमेंट सेंटर लैंसडाउन के सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी एवं सेंटर सूबेदार मेजर नंदकिशोर द्वारा सैनिक राजेश सेमवाल को “कर्नल ऑफ दि गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

इससे पूर्व भी सैनिक राजेश सेमवाल को भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा “चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (COAS) अवार्ड” से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल कॉन्क्लेव अवार्ड, उत्तराखंड गवर्नर अवार्ड, विकास प्रवर्तक सम्मान सहित सेना, शासन-प्रशासन एवं विभिन्न संस्थाओं से कई प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद 15 अक्टूबर 2020 को राजेश सेमवाल ने “वंदे मातरम ट्रेनिंग एंड एजुकेशन फाउंडेशन” की स्थापना की। संस्था के माध्यम से वे निर्धन, निराश्रित सैनिक परिवारों के आश्रितों एवं अन्य जरूरतमंद युवा-युवतियों को सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस, एसएससी तथा राज्य स्तरीय सेवाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क शारीरिक एवं शिक्षण प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों के रहने, खाने, कोचिंग और प्रशिक्षण की समस्त व्यवस्था वर्ष 2020 से स्वयं के संसाधनों से निःशुल्क संचालित की जा रही है। अब तक 2000 से अधिक गरीब एवं प्रतिभाशाली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 300 से अधिक युवा सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस, राज्य सेवाओं एवं निजी कंपनियों में चयनित हो चुके हैं। वहीं 500 से अधिक युवाओं ने स्वरोजगार अपनाकर अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ा है।

सैनिक राजेश सेमवाल ने समाज में नशामुक्ति अभियान को भी जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया है। उन्होंने क्षेत्र के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में भ्रमण कर 50 से अधिक ग्राम सभाओं को नशामुक्त ग्राम सभा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही 200 से अधिक स्कूल-कॉलेजों में काउंसलिंग कर युवाओं को नशे से दूर रहने और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं पवित्रता बनाए रखने की शपथ दिलाई।

वर्तमान में फाउंडेशन का 22वां बैच संचालित हो रहा है, जिसमें 40 से अधिक बेटियां निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खास बात यह है कि प्रशिक्षण केंद्र में जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, झारखंड, नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली और देहरादून सहित विभिन्न क्षेत्रों से बेटियां प्रशिक्षण लेने पहुंच रही हैं।

राजेश सेमवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य “व्यक्ति से व्यक्तित्व का निर्माण” करना है, ताकि देश की युवा पीढ़ी अनुशासित, मजबूत और राष्ट्रभक्त बन सके। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में 50 से अधिक बच्चों की व्यवस्था करना कठिन हो रहा है। यदि शासन-प्रशासन और समाज का सहयोग मिला तो भविष्य में 200 से अधिक बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण देने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

उन्होंने समाज के सभी लोगों से इस नेक कार्य से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *