जम्मू, 8 जुलाई:(रंजीव मेहता)जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जम्मू में कस्टोडियन भूमि से जुड़े कथित घोटाले का एक और बड़ा खुलासा करते हुए दो नए एफआईआर दर्ज किए हैं। ये मामले राजस्व अधिकारियों, कथित लाभार्थियों और भूमि माफिया के खिलाफ सरकारी कस्टोडियन भूमि पर अवैध रूप से मालिकाना हक हासिल करने और उसके हस्तांतरण से जुड़े हैं।
एसीबी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि असरवान, मिश्रीवाला, भलवाल और आर.एस. पुरा क्षेत्रों में हजारों कनाल कस्टोडियन भूमि पर राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर अवैध कब्जा किया गया और बाद में विभिन्न लोगों को बेच दिया गया। इससे पहले भी एसीबी की जांच के दौरान एक हजार से अधिक कनाल कस्टोडियन भूमि फर्जी आदेशों के आधार पर आवंटित किए जाने के आरोप में 27 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि विस्थापित व्यक्तियों के कुछ अपात्र रिश्तेदारों ने कथित रूप से बिना वैध सरकारी या पीआरओ आदेशों के अथवा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अतिरिक्त भूमि की म्यूटेशन अपने नाम करवाई। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ और बाद में इन जमीनों का धोखाधड़ी के जरिए हस्तांतरण कर सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
इसी क्रम में एसीबी ने एफआईआर संख्या 09/2026 दर्ज की है, जो 12 कनाल से अधिक कस्टोडियन भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से संबंधित है। वहीं एफआईआर संख्या 10/2026 तहसील भलवाल के गांव अंब में लगभग 15 कनाल कस्टोडियन भूमि पर कथित रूप से फर्जी तरीके से मालिकाना हक दिए जाने के मामले में दर्ज की गई है।
एसीबी ने कहा कि दोनों मामलों की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
